
वलंचेरी। केरल के वलंचेरी शहर में पेरिनथलमाना और पट्टाम्बी सड़कों पर लगाए गए कंक्रीट डिवाइडर अब वाहन चालकों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बनते जा रहे हैं। खासकर रात के समय लंबी दूरी की गाड़ियां इन डिवाइडरों से टकरा रही हैं, जिससे हादसों की संख्या बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि डिवाइडर पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं देते, जिसके कारण रात में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सबसे ज्यादा घटनाएं पट्टाम्बी रोड पर लगे डिवाइडर के आसपास सामने आ रही हैं।
पट्टाम्बी रोड पर सबसे ज्यादा हादसे
जानकारी के अनुसार, पट्टाम्बी रोड पर लगाए गए कंक्रीट डिवाइडर से टकराने और वाहनों के पलटने की घटनाएं अधिक हो रही हैं।
हाल ही में एक कार डिवाइडर से टकरा गई थी, जिससे कार का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इस दुर्घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
इससे पहले भी कुछ सप्ताह पहले इसी तरह का हादसा सामने आया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के कारण वाहन चालकों में चिंता बढ़ गई है।
रात में दिखाई नहीं देते डिवाइडर
स्थानीय वाहन चालकों के अनुसार, रात के समय पट्टाम्बी की ओर से आने वाले चालकों को सड़क पर लगे कंक्रीट डिवाइडर आसानी से नजर नहीं आते।
कम रोशनी और सामने से आने वाले वाहनों की तेज हेडलाइट के कारण चालक भ्रमित हो जाते हैं। ऐसे में अचानक सामने आए डिवाइडर से वाहन टकरा जाते हैं।
वाहन चालकों का कहना है कि डिवाइडर पर चमकदार संकेतक, रिफ्लेक्टर या पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि रात में इन्हें आसानी से देखा जा सके।
लंबी दूरी के वाहनों की बढ़ी आवाजाही
नेशनल हाईवे के छह लेन विस्तार के बाद इस क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही काफी बढ़ गई है।
कोयंबटूर और पलक्कड़ जैसे इलाकों से कोझिकोड की ओर जाने वाले बड़ी संख्या में वाहन वलंचेरी क्षेत्र से होकर गुजरते हैं।
लंबी दूरी की बसें, ट्रक और निजी वाहन बड़ी संख्या में इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने उठाई सुरक्षा की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि डिवाइडर लगाने का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना था, लेकिन यदि इसके कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं तो इसकी व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि डिवाइडर पर रिफ्लेक्टर लगाए जाएं और रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए।
इसके अलावा सड़क सुरक्षा के लिए चेतावनी बोर्ड लगाने की भी जरूरत बताई जा रही है।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द कदम उठाने की अपील की है।
उनका कहना है कि हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क पर लगाए गए किसी भी स्थायी ढांचे के लिए दृश्यता सबसे महत्वपूर्ण होती है। खासकर रात के समय चलने वाले वाहनों के लिए स्पष्ट संकेत और रोशनी जरूरी होती है।
बढ़ते यातायात के बीच सुरक्षा चुनौती
वलंचेरी क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव के बीच सड़क सुरक्षा बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
एक तरफ जहां हाईवे विस्तार से यात्रा आसान हुई है, वहीं दूसरी ओर नए ट्रैफिक पैटर्न के कारण सुरक्षा इंतजामों को भी लगातार बेहतर करने की जरूरत है।
कंक्रीट डिवाइडर से जुड़े हादसों को देखते हुए अब इनके डिजाइन, स्थान और दृश्यता की समीक्षा की मांग उठ रही है।
जल्द समाधान जरूरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते डिवाइडर पर उचित संकेतक और रोशनी की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में बड़े हादसे हो सकते हैं।
फिलहाल वाहन चालक सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं और प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान निकाला जाएगा।
वलंचेरी में कंक्रीट डिवाइडर से हो रही दुर्घटनाएं अब सड़क सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन गई हैं। बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए सुरक्षित यातायात व्यवस्था के लिए तत्काल कदम उठाना जरूरी माना जा रहा है।





