केरल

सीएम सतीशन का एलान, वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा कानूनी संरक्षण

nidhi
2 Oct 2026 9:51 AM IST
सीएम सतीशन का एलान, वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा कानूनी संरक्षण
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केरल में बुजुर्गों के लिए बनेगा नया कानून

तिरुवनंतपुरम: केरलम सरकार वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन को कानूनी गारंटी देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर घोषणा की कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और अधिकारों की सुरक्षा के लिए नया कानून लाएगी। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षित देखभाल और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग विभाग स्थापित किया गया है। सरकार अब इस व्यवस्था को और मजबूत करते हुए राज्य स्तर पर एक निदेशालय और जिला स्तर पर वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की तैयारी कर रही है। अधिकारियों की व्यवस्था तीन महीने के भीतर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार जिस कानून पर काम कर रही है, उसे केरलम स्टेट एल्डरली पर्सन्स केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स बिल 2026 के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसका फोकस बुजुर्गों की देखभाल, कल्याण, गरिमा और उनके अधिकारों की सुरक्षा पर होगा। प्रस्तावित कानून में वृद्धाश्रम, असिस्टेड लिविंग सेंटर, डे-केयर होम और होम-केयर एजेंसियों के लिए मानक तय करने की योजना है। इन संस्थानों की सेवाओं में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे।
सरकार का प्रयास है कि जहां तक संभव हो वरिष्ठ नागरिक अपने घर, परिवार और समुदाय के बीच रहकर स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन जी सकें। जिन बुजुर्गों को विशेष देखभाल की जरूरत होगी, उनके लिए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण संस्थागत सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।
केरलम में बुजुर्ग आबादी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2036 तक राज्य की कुल आबादी में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की हिस्सेदारी करीब 22.8 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। इसी बदलती जनसांख्यिकी को देखते हुए सरकार वृद्धजन कल्याण को अलग प्राथमिकता दे रही है।
राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पहले से ही केरल राज्य वृद्धजन आयोग भी बनाया गया है। यह आयोग बुजुर्गों की उपेक्षा, शोषण और परित्याग जैसी शिकायतों पर काम करता है तथा जरूरत पड़ने पर पुनर्वास और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में सरकार के साथ समन्वय करता है।
मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सरकार और पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। बुजुर्गों के खिलाफ हिंसा या उत्पीड़न के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नई व्यवस्था में स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच, सुरक्षित आवास, घर पर देखभाल, प्रशिक्षित केयरगिवर और बुजुर्गों की शिकायतों के समाधान पर भी जोर रहेगा। सरकार वृद्धजन सेवाओं में तकनीक के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने की योजना बना रही है।
सरकार का दावा है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग विभाग स्थापित करने वाला केरलम देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों से भी इस व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी जा रही है। प्रस्तावित कानून लागू होने के बाद बुजुर्गों की देखभाल से जुड़ी निजी और सरकारी संस्थाओं की जवाबदेही भी तय होगी। इससे वृद्धजन सेवाओं में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने और वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के लिए मजबूत कानूनी आधार देने का लक्ष्य रखा गया है।
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