केरल

UDF के फैसलों पर अडूर प्रकाश ने जताई नाराजगी

Ratna Netam
1 Oct 2026 7:49 PM IST
UDF के फैसलों पर अडूर प्रकाश ने जताई नाराजगी
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तिरुवनंतपुरम। केरल में सत्तारूढ़ कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के भीतर आपसी समन्वय को लेकर असंतोष सामने आया है। UDF के संयोजक और कांग्रेस सांसद अडूर प्रकाश ने गुरुवार को मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में लिए जा रहे कुछ फैसलों की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण निर्णयों के बारे में उन्हें पहले से जानकारी नहीं दी जाती और कई बार उन्हें इनकी जानकारी मीडिया के माध्यम से मिलती है। प्रकाश ने इस स्थिति को लेकर अपनी नाराजगी कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व यानी AICC के सामने रखने की बात कही है।
अडूर प्रकाश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हाल के समय में UDF की नियमित बैठक नहीं हुई है, जबकि गठबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और सामूहिक निर्णय लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन UDF के चेयरमैन हैं और गठबंधन की बैठक बुलाने की पहल मुख्य रूप से उनकी ओर से होनी चाहिए। प्रकाश के मुताबिक बैठकें नहीं होने के कारण गठबंधन के अलग-अलग दलों और नेताओं के बीच जरूरी राजनीतिक चर्चा प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि UDF संयोजक के रूप में उनसे राज्यभर के पार्टी कार्यकर्ता और नेता सरकार तथा गठबंधन के फैसलों को लेकर सवाल करते हैं, लेकिन कई मामलों में उनके पास जानकारी ही नहीं होती। प्रकाश ने कहा कि ऐसी स्थिति में उनके लिए UDF संयोजक की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाना मुश्किल हो जाता है।
अडूर प्रकाश की नाराजगी का एक प्रमुख कारण विभिन्न पदों पर हाल में की गई नियुक्तियां बताई जा रही हैं। उन्होंने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता एम.के. मुनीर को प्रशासनिक सुधार आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने और फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता जी. देवराजन को नई दिल्ली में केरल का विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किए जाने का जिक्र किया। दोनों पदों को कैबिनेट रैंक का दर्जा दिया गया है। प्रकाश ने कहा कि उन्हें इन नियुक्तियों पर व्यक्तिगत आपत्ति नहीं है, लेकिन ऐसे महत्वपूर्ण फैसले UDF में चर्चा के बाद किए जाने चाहिए थे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी नियुक्त किए गए नेताओं को लेकर नहीं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर है। प्रकाश ने कहा कि एम.के. मुनीर और जी. देवराजन दोनों योग्य नेता हैं, लेकिन गठबंधन सरकार में बड़े फैसलों से पहले सहयोगी दलों और जिम्मेदार पदाधिकारियों के बीच विचार-विमर्श होना चाहिए।
अडूर प्रकाश ने कहा कि वह इस पूरे मामले को AICC के सामने उठाएंगे। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने ही उन्हें UDF संयोजक की जिम्मेदारी दी है और इसलिए अगर उन्हें गठबंधन से जुड़े फैसलों की जानकारी नहीं मिलती तो वह इस स्थिति से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराएंगे।
प्रकाश ने हालांकि यह भी कहा कि उनके बयान को मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के खिलाफ व्यक्तिगत हमला नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अपने अनुभव और UDF संयोजक के रूप में सामने आ रही समस्याओं के आधार पर यह मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन में सामूहिक चर्चा और निर्णय की व्यवस्था मजबूत होना सभी दलों के हित में है।
केरल में विधानसभा चुनाव के बाद UDF सत्ता में आया है और सरकार को लगभग चार महीने हुए हैं। इस दौरान गठबंधन की समन्वय समिति की बैठक सीमित बार हुई है। अडूर प्रकाश के मुताबिक कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दे ऐसे हैं जिन्हें UDF के मंच पर चर्चा के लिए लाया जाना चाहिए, लेकिन नियमित बैठकों के अभाव में ऐसा नहीं हो पा रहा है।
प्रकाश ने पिछली LDF सरकार के समय विभिन्न बोर्ड और निगमों में नियुक्त किए गए लोगों के अब भी पदों पर बने रहने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि UDF कार्यकर्ताओं में इसे लेकर असंतोष है और सत्ता परिवर्तन के बाद इन संस्थानों में नियुक्तियों की प्रक्रिया जल्द पूरी होनी चाहिए। यह प्रकाश का राजनीतिक रुख है और नियुक्तियों को लेकर अंतिम निर्णय राज्य सरकार तथा संबंधित प्रक्रियाओं के तहत लिया जाना है।
उन्होंने हाल में हुए उपचुनाव में UDF के प्रदर्शन और गठबंधन के भीतर समन्वय पर भी सवाल उठाए। प्रकाश का कहना था कि चुनावी अभियान के दौरान भी कई जगह उन्होंने अपनी ओर से दौरे किए, जबकि नेतृत्व की ओर से स्पष्ट समन्वय या निर्देश पर्याप्त नहीं थे। उन्होंने संकेत दिया कि चुनावी राजनीति में बेहतर परिणाम के लिए गठबंधन स्तर पर मजबूत संवाद जरूरी है।
UDF संयोजक ने सरकार के सामने मौजूद बिजली संकट और कांग्रेस संगठन के भीतर कुछ विवादों जैसे विषयों को भी ऐसे मुद्दों के रूप में बताया जिन पर गठबंधन नेतृत्व को मिलकर चर्चा करनी चाहिए। उनके मुताबिक सरकार और UDF के बीच बेहतर संवाद नहीं होने पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो जाता है।
अडूर प्रकाश का बयान ऐसे समय आया है जब UDF नई सरकार के गठन के बाद अपनी प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। गठबंधन में कांग्रेस के अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और अन्य सहयोगी दल भी शामिल हैं। ऐसे में बोर्ड, निगम और दूसरे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों को लेकर सहयोगी दलों के बीच समन्वय राजनीतिक रूप से अहम माना जाता है।
फिलहाल अडूर प्रकाश ने साफ किया है कि वह अपनी नाराजगी AICC के सामने रखेंगे और UDF की बैठक जल्द बुलाने की जरूरत पर जोर देंगे। उनके बयान के बाद केरल की सत्तारूढ़ UDF सरकार में निर्णय लेने की प्रक्रिया और गठबंधन समन्वय को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
अब नजर मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर रहेगी। प्रकाश ने किसी व्यक्ति की नियुक्ति का विरोध करने के बजाय सामूहिक निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने की मांग की है। आने वाले दिनों में UDF की बैठक बुलाए जाने और लंबित राजनीतिक तथा संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा होने की स्थिति में यह स्पष्ट होगा कि गठबंधन नेतृत्व इस असंतोष को किस तरह संबोधित करता है।
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