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Kannur. कन्नूर। केरल में राजनीतिक तनाव के बीच खेल मंत्री ओ.जे. जनीश के वाहन को कन्नूर और कासरगोड जिलों में कई स्थानों पर डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा रोकने और कथित तौर पर नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने कुछ स्थानों पर मंत्री के काफिले को रोका और काले झंडे दिखाए। कन्नूर के तालिपरम्बा और पय्यन्नूर क्षेत्र में मंत्री की गाड़ी को नुकसान पहुंचाए जाने की भी खबर है। मंत्री गुरुवार को कन्नूर और कासरगोड में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे थे। तालिपरम्बा में एक कार्यक्रम के बाद जब वे दूसरे कार्यक्रम की ओर जा रहे थे, तभी प्रदर्शनकारियों ने उनका रास्ता रोक दिया। पुलिस के अनुसार कुछ लोग कार के पास पहुंच गए और वाहन के आगे लगे झंडे के स्टैंड तथा विंडो वाइजर को नुकसान पहुंचा। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शनकारियों को हटाया गया और मंत्री का काफिला आगे रवाना हुआ।
#WATCH | Keralam: Protesters allegedly throw eggs at the vehicle of State Minister O.J. Janeesh in Nileshwaram, Kasaragod. pic.twitter.com/9CL6xDPf8w
— ANI (@ANI) October 1, 2026
ये विरोध प्रदर्शन तिरुवनंतपुरम में एक दिन पहले एसएफआई और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद हुए। डीवाईएफआई नेताओं ने इस टकराव के लिए जनीश और युवा कांग्रेस नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं कांग्रेस की ओर से मंत्री के वाहन पर हुए कथित हमलों की निंदा की गई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप लगा रहे हैं। जनीश ने दावा किया कि कन्नूर और कासरगोड जिलों में कुल पांच स्थानों पर उनके वाहन को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से काले झंडे दिखाने या विरोध करने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन किसी वाहन पर हमला करना गंभीर मामला है। मंत्री ने घटना को लेकर कार्रवाई की मांग की है। कासरगोड में भी मंत्री के दौरे के दौरान कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की।
मंत्री के काफिले के साथ पुलिस के सुरक्षा वाहन भी मौजूद थे। अलग-अलग घटनाओं के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और प्रदर्शन से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने मंत्री के वाहन पर हुए कथित हमलों की निंदा की है। सतीशन मई 2026 से केरल के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के पीछे माकपा नेतृत्व की जानकारी और भूमिका की जांच होनी चाहिए तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। माकपा और डीवाईएफआई की ओर से इन आरोपों को लेकर अलग राजनीतिक रुख सामने आया है। घटना के बाद राज्य में कांग्रेस और माकपा से जुड़े संगठनों के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। पुलिस के सामने अब चुनौती है कि विरोध प्रदर्शन और हिंसा के आरोपों से जुड़े मामलों में उपलब्ध वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। फिलहाल कन्नूर और कासरगोड में हुई घटनाओं को लेकर पुलिस जांच जारी है। राजनीतिक दलों ने अपने-अपने आरोप लगाए हैं, जबकि प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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