
Kerala केरल: केरल पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर पर सर्च ऑपरेशन के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) अधिकारियों पर हुए कथित हमले के मामले की जांच के लिए 30 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। यह आदेश तिरुवनंतपुरम सिटी पुलिस कमिश्नर की ओर से 30 मई को जारी किया गया।
यह घटना 27 मई की बताई जा रही है, जब ED अधिकारी एक सर्च ऑपरेशन के दौरान अपना काम कर रहे थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक गैरकानूनी भीड़ ने उनके काम में बाधा डाली और उनसे दुर्व्यवहार किया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान अधिकारियों के कार्य में बाधा उत्पन्न होने के साथ-साथ स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
पुलिस ने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना में बड़ी संख्या में लोगों की संलिप्तता होने की आशंका है, इसलिए एक विशेष टीम बनाकर जांच को तेज और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
SIT में विभिन्न स्तरों के वरिष्ठ और अनुभवी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो पूरे मामले की गहन जांच करेंगे। टीम का मुख्य उद्देश्य घटना की परिस्थितियों, इसमें शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाना है।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ED अधिकारियों के काम में बाधा डालने के लिए भीड़ ने अचानक एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया, जो बाद में कथित तौर पर हिंसक रूप में बदल गया।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं जांच एजेंसियों के कामकाज में बाधा उत्पन्न करती हैं और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती पेश करती हैं। इसी कारण मामले को प्राथमिकता देते हुए विशेष जांच टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि SIT को सभी संबंधित साक्ष्य जुटाने, वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान लेने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
तिरुवनंतपुरम पुलिस ने कहा कि कानून के अनुसार किसी भी जांच एजेंसी के कार्य में बाधा डालना गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि SIT की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
इस घटना ने राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा पैदा कर दी है। हालांकि पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी तरह तथ्य आधारित और निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।





