
तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार ने राज्य में जमीन के मालिकाना हक (टाइटल डीड) से जुड़े मामलों को तेजी से निपटाने की योजना बनाई है। राजस्व मंत्री ए. पी. अनिल कुमार ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य उन सभी पात्र लोगों को जमीन का मालिकाना हक उपलब्ध कराना है, जो इसके वास्तविक हकदार हैं। उन्होंने बताया कि 100-दिन के विशेष एक्शन प्लान के तहत करीब 5,000 जमीन के टाइटल डीड वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
राजस्व विभाग के कामकाज की समीक्षा के लिए कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को लंबित मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यालयों को आम लोगों के लिए अधिक सुविधाजनक और मददगार बनना चाहिए, ताकि लोगों को जमीन से जुड़े कामों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में बताया गया कि 100-दिन की कार्ययोजना के तहत वितरित किए जाने वाले लगभग 5,000 टाइटल डीड में जिले में पहले ही जारी किए गए 569 टाइटल भी शामिल होंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
राजस्व मंत्री ने कहा कि जमीन के अधिकार से जुड़े मामलों का समाधान लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। जमीन का मालिकाना हक मिलने से लोगों को कानूनी सुरक्षा मिलती है और वे अपनी संपत्ति का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।
बैठक में जमीन के वर्गीकरण में बदलाव से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार, जिले में भूमि वर्गीकरण परिवर्तन के लिए आए 4,589 आवेदनों समेत कुल करीब 25,000 आवेदनों पर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाया जाए, ताकि लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिल सके।
इसके अलावा इडामुलाइक्कल के कोम्पतिमालाभागम और करुणागप्पल्ली क्षेत्रों में टाइटल डीड के लंबित आवेदनों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। इन क्षेत्रों के लोगों को जमीन के दस्तावेज मिलने में हो रही देरी को दूर करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाए जाएंगे।
पथानापुरम क्षेत्र में मुत्तथकडावु पुल के पास रहने वाले लोगों को भी जमीन का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई पूरी करने और पात्र लोगों को जल्द लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को टाइटल डीड देने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि वन क्षेत्रों में जमीन के अधिकार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक मंजूरी लेने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि नियमों के दायरे में रहते हुए पात्र लोगों को उनके अधिकार दिए जाएं।
परावूर गांव के मालाकायल इलाके में रेलवे जमीन के रिकॉर्ड में मौजूद कमियों को दूर करने का निर्णय भी लिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि रिकॉर्ड सुधार की प्रक्रिया तेज की जाए, ताकि वहां रहने वाले लोगों को टाइटल डीड जारी करने की कार्रवाई आगे बढ़ सके।
बैठक में सुनामी प्रभावित लोगों के पुनर्वास से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सुनामी पीड़ितों के लिए बनाए गए आवासीय फ्लैटों में अब तक 1,259 टाइटल डीड वितरित किए जा चुके हैं। इससे प्रभावित परिवारों को अपने घरों पर कानूनी अधिकार मिल सके हैं।
राजस्व मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और तेजी दोनों जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों को राजस्व कार्यालयों से बेहतर सेवाएं मिलनी चाहिए और आवेदन प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और जहां भी प्रशासनिक अड़चनें हैं, उन्हें दूर किया जाए। सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र लोगों को समय पर जमीन का अधिकार मिले और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
राजस्व विभाग की इस पहल से हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। जमीन के टाइटल डीड मिलने से लोगों को न केवल संपत्ति पर अधिकार मिलेगा, बल्कि बैंक ऋण और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में भी सुविधा होगी। सरकार अब 100-दिन की कार्ययोजना के तहत इस लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।





