
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के कोप्पल जिले में तीन महिलाओं ने राज्य सरकार की ‘गृहलक्ष्मी योजना’ के तहत मिलने वाले मासिक 2,000 रुपये के भत्ते का सही उपयोग करते हुए स्वरोज़गार की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। इन महिलाओं ने मिलकर एक रोटी सेंटर शुरू किया है, जिसे उन्होंने ‘गृहलक्ष्मी रोटी सेंटर’ नाम दिया है।
कोप्पल के कुश्तगी की रहने वाली मकतुंबी कोप्पाडा, सजनाबी दादिबाई और हुसैनाबी कम्मारा ने इस योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता को बचाकर एक बड़ा कदम उठाया। इन तीनों महिलाओं ने योजना की राशि को जमा करने के साथ-साथ अपनी निजी बचत का भी उपयोग किया और व्यवसाय शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ीं।
महिलाओं ने हुबली में एक रोटी मशीन खरीदकर छोटे स्तर पर रोटी बनाने का काम शुरू किया। इस पहल के जरिए उन्होंने न केवल खुद के लिए रोजगार का साधन तैयार किया, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी यह दिखाया कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किस तरह जीवन बदल सकता है।
जानकारी के अनुसार, इस रोटी कारोबार को स्थापित करने में इन महिलाओं ने 29 किस्तों में कुल 58,000 रुपये का निवेश किया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी निजी जमा पूंजी भी लगाई, जिससे कुल निवेश 2 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया। इस पूंजी के सहारे उन्होंने रोटी उत्पादन का छोटा व्यवसाय खड़ा किया है।
इन महिलाओं का कहना है कि शुरू में यह एक छोटा कदम था, लेकिन धीरे-धीरे इसे विस्तार देने की योजना है ताकि और अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके। उनका उद्देश्य आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना और दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनना है।
‘गृहलक्ष्मी रोटी सेंटर’ की शुरुआत के बाद स्थानीय स्तर पर इस पहल की सराहना हो रही है। यह उदाहरण दर्शाता है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए तो ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी स्वरोज़गार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
इस पहल ने यह भी साबित किया है कि छोटे निवेश और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ महिलाएं अपने जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं और आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर सकती हैं।





