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Karnataka : ट्रांसपोर्ट यूनियनों की हड़ताल पर हाईकोर्ट का स्टे, 20 मई की योजना टली

Kavita2
19 May 2026 3:28 PM IST
Karnataka : ट्रांसपोर्ट यूनियनों की हड़ताल पर हाईकोर्ट का स्टे, 20 मई की योजना टली
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों की यूनियनों द्वारा प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हाई कोर्ट ने मंगलवार को अस्थायी रोक (स्टे) लगा दी। यह हड़ताल 20 मई से शुरू होने वाली थी, लेकिन अदालत के आदेश के बाद फिलहाल इसे टालना पड़ा है।

यह आदेश जस्टिस सूरज गोविंदराज और जस्टिस के. मनमदा राव की वेकेशन बेंच ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान जारी किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की यूनियनें तब तक हड़ताल पर नहीं जा सकतीं, जब तक आगे की सुनवाई और समाधान प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।

यह हड़ताल 'ज्वाइंट एक्शन कमेटी' (JAC) ने बुलाई थी, जिसमें राज्य के चार प्रमुख ट्रांसपोर्ट निगमों की यूनियनें शामिल थीं। इनमें कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC), बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BMTC), नॉर्थ ईस्टर्न कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NWKRTC) और कल्याण कर्नाटक ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KKRTC) के कर्मचारी संगठनों का प्रतिनिधित्व है।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि “प्रतिवादी नंबर 7 (JAC) और उससे जुड़ी यूनियनें 29.04.2026 की हड़ताल नोटिस के अनुसार हड़ताल पर नहीं जाएंगी।” इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह हड़ताल का आह्वान करने वाली यूनियनों के साथ बातचीत के लिए एक तारीख तय करे, ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके।

मामले की अगली सुनवाई 21 मई को तय की गई है। अदालत ने यह भी दर्ज किया कि अतिरिक्त महाधिवक्ता (एडिशनल एडवोकेट जनरल) ने बताया कि यूनियन प्रतिनिधियों, परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री के बीच बैठक की तारीख तय करने में अभी दो दिन का समय लग सकता है।

इस मामले में एक घरेलू कामगार और एक निर्माण मजदूर ने जनहित याचिका दायर कर हड़ताल पर रोक लगाने की मांग की थी। उनका कहना था कि बस सेवाएं बंद होने से आम लोगों, खासकर दैनिक मजदूरी करने वालों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा।

दूसरी ओर, यूनियनों ने चेतावनी दी थी कि यदि बकाया भुगतान और वेतन वृद्धि की उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे 20 मई से चारों राज्य ट्रांसपोर्ट निगमों की सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए ठप कर देंगे।

हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल हड़ताल टल गई है और सभी की नजरें अब 21 मई की अगली सुनवाई और सरकार-यूनियन वार्ता पर टिकी हैं।

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