कर्नाटक

मंत्री पद से नाराज SR श्रीनिवास ने KSRTC चेयरमैन पद छोड़ा

Kavita2
4 Aug 2026 1:41 PM IST
मंत्री पद से नाराज SR श्रीनिवास ने KSRTC चेयरमैन पद छोड़ा
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तुमकुर। कर्नाटक में मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज गुब्बी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एस.आर. श्रीनिवास ने कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने अपने बयान में राजनीतिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की और कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें मंत्रिमंडल में मौका देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

तुमकुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान श्रीनिवास ने कहा कि क्षेत्र के लोग लगातार मांग कर रहे थे कि उन्हें मंत्री पद दिया जाना चाहिए, लेकिन जिन लोगों को यह बात उठानी चाहिए थी, उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस बात से उन्हें दुख हुआ है।

विधायक ने कहा कि आम परिवारों और किसानों से आने वाले लोगों के लिए राजनीति में आगे बढ़ना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना किसी मजबूत राजनीतिक समर्थन या गॉडफादर के आगे बढ़ने वालों को कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

श्रीनिवास ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राजनीति में कई बार योग्य लोगों को अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि उन्होंने ईमानदारी और मेहनत के रास्ते पर चलते हुए राजनीति में अपनी जगह बनाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं मिली।

उन्होंने कहा, "लोग कह रहे हैं कि मुझे मंत्री पद मिलना चाहिए। लेकिन जिन्हें यह कहना चाहिए था, उन्होंने ऐसा नहीं कहा।" विधायक ने यह भी कहा कि किसान परिवार से आने वाले लोगों के लिए राजनीति में अपनी पहचान बनाना कठिन होता है।

अपने बयान में उन्होंने राजनीतिक संस्कृति पर भी सवाल उठाए। श्रीनिवास ने कहा कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए कई बार अलग तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनके पास कोई राजनीतिक विरासत या मजबूत समर्थन नहीं था, जिसके कारण वह मंत्री पद हासिल नहीं कर सके।

उन्होंने कहा, "हमारे पिता की संपत्ति तो नहीं है कि लड़-झगड़कर ले लें। इसका मतलब है कि हम इसके लायक नहीं हैं। हमारा कोई गॉडफादर नहीं था, इसलिए हम मंत्री पद से चूक गए।"

विधायक ने कहा कि राजनीति को लेकर उनका नजरिया अब बदल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी और उनकी पहचान बनेगी, लेकिन अब परिस्थितियों को देखते हुए वह राजनीति के नए पहलुओं को समझ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीति में ईमानदारी की अहमियत को लेकर वह सोच रहे हैं। श्रीनिवास ने आरोप लगाया कि राजनीति में कई बार दोहरा व्यवहार देखने को मिलता है और यह क्षेत्र उम्मीदों के मुताबिक सरल नहीं है।

KSRTC चेयरमैन पद से इस्तीफा देने के फैसले पर उन्होंने कहा कि अब वह इस जिम्मेदारी से हटना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

एस.आर. श्रीनिवास कर्नाटक के तुमकुर जिले की गुब्बी विधानसभा सीट से विधायक हैं और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। वह जनता दल (सेक्युलर) से अलग होने के बाद कांग्रेस में शामिल हुए थे। राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के दौरान उनका नाम संभावित मंत्रियों में शामिल होने की चर्चा में था, लेकिन उन्हें जगह नहीं मिली।

मंत्री पद नहीं मिलने के बाद उनका यह बयान पार्टी के अंदर चल रही चर्चाओं को भी सामने लाता है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कर्नाटक में मंत्रिमंडल गठन के दौरान क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण और वरिष्ठ नेताओं के बीच संतुलन जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।

श्रीनिवास का इस्तीफा देने का ऐलान ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्तारूढ़ दल के भीतर कई नेता अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर सक्रिय हैं। उनके बयान से पार्टी नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष रूप से दबाव भी माना जा रहा है।

हालांकि, विधायक ने अभी तक पार्टी छोड़ने या किसी अन्य राजनीतिक कदम की घोषणा नहीं की है। उन्होंने केवल KSRTC चेयरमैन पद छोड़ने की बात कही है और कहा है कि वह राजनीति को नए नजरिए से देख रहे हैं।

उनके बयान के बाद कर्नाटक की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी नेतृत्व इस नाराजगी को किस तरह संभालता है और श्रीनिवास अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर क्या फैसला लेते हैं।

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