कर्नाटक

Bengaluru में एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स पर तेजस्वी सूर्या की अपील

Kavita2
24 May 2026 11:24 AM IST
Bengaluru में एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स पर तेजस्वी सूर्या की अपील
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Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु साउथ लोकसभा क्षेत्र से सांसद तेजस्वी सूर्या ने शहर में प्रस्तावित कई एलिवेटेड कॉरिडोर और फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स को लेकर सार्वजनिक परामर्श (पब्लिक कंसल्टेशन) कराने की मांग की है। उन्होंने साथ ही इन सभी परियोजनाओं की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को तुरंत सार्वजनिक डोमेन में जारी करने की अपील की है।

इस संबंध में उन्होंने बेंगलुरु स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (B-SMILE) के तकनीकी निदेशक बी.एस. प्रल्हाद को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने हाल ही में टेंडर किए गए कुछ छोटे और मध्यम लंबाई वाले एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को लेकर चिंता व्यक्त की है।

प्रस्तावित परियोजनाओं में मिनर्वा सर्कल से हडसन सर्कल तक बनने वाला एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है। इसके अलावा बाल गंगाधरनाथ स्वामीजी फ्लाईओवर को टाउन हॉल से जोड़ने के लिए एक लूप फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी दिया गया है।

एक अन्य प्रमुख परियोजना में ओल्ड मद्रास रोड से इंदिरा नगर, ओल्ड एयरपोर्ट रोड और सिल्क बोर्ड जंक्शन होते हुए इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक 5.2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है। इस परियोजना पर लगभग 852 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान लगाया गया है।

तेजस्वी सूर्या ने अपने पत्र में कहा है कि इतने बड़े पैमाने पर होने वाले शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि इन परियोजनाओं का डिजाइन, लागत और उनके संभावित प्रभाव क्या होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि बिना पर्याप्त जनसुनवाई के बड़े प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने से भविष्य में ट्रैफिक, पर्यावरण और शहरी योजना से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए इन परियोजनाओं पर विशेषज्ञों और आम नागरिकों दोनों की राय लेना आवश्यक है।

सांसद ने सुझाव दिया कि DPR को सार्वजनिक करने से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि परियोजनाओं की गुणवत्ता और व्यवहारिकता पर भी बेहतर चर्चा संभव होगी। उन्होंने B-SMILE से इस दिशा में जल्द कदम उठाने की मांग की है।

शहर में पहले से ही ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी चुनौतियों के बीच इन प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन परियोजनाओं पर जनसुनवाई और DPR सार्वजनिक करने की मांग पर क्या कदम उठाता है।

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