
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन और कैबिनेट फेरबदल को लेकर चल रही तेज राजनीतिक चर्चाओं के बीच गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव और कैबिनेट फेरबदल दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं और इन दोनों के बीच कोई संबंध नहीं है।
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जी. परमेश्वर ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पार्टी हाईकमान और मुख्यमंत्री द्वारा तय की जाती है। उन्होंने इसे एक नियमित प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका कैबिनेट में बदलाव से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने कहा, “राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन पार्टी हाईकमान और मुख्यमंत्री तय करते हैं। यह एक नियमित प्रक्रिया है और इसका कैबिनेट फेरबदल से कोई संबंध नहीं है।”
कर्नाटक में हाल ही में चार राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं, जिनके लिए 18 जून को चुनाव प्रस्तावित हैं। इसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि राज्यसभा चुनाव के साथ ही राज्य में कैबिनेट फेरबदल या नेतृत्व परिवर्तन भी संभव है।
हालांकि, जी. परमेश्वर ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की चर्चाओं का कोई आधार नहीं है और जनता को अनावश्यक राजनीतिक अटकलों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और पार्टी दोनों स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रियाएं अलग-अलग होती हैं और किसी भी बदलाव की स्थिति में औपचारिक घोषणा ही अंतिम मानी जाएगी।
राज्य में पिछले कुछ समय से मंत्रिमंडल में बदलाव और संगठनात्मक फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज रही है। कई नेताओं के बयान और संभावित बैठकों की खबरों ने इन अटकलों को और बढ़ा दिया था।
इस बीच, जी. परमेश्वर के बयान को सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, ताकि राजनीतिक अनिश्चितता और अफवाहों पर विराम लगाया जा सके।
फिलहाल, कर्नाटक की राजनीति में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया जारी है और कैबिनेट फेरबदल को लेकर किसी आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।





