कर्नाटक
कर्नाटक कांग्रेस में हलचल महिला कांग्रेस अध्यक्ष सौम्या रेड्डी ने दिया इस्तीफा
Ratna Netam
17 Oct 2026 4:06 PM IST

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बेंगलुरु। कर्नाटक कांग्रेस में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक घटनाक्रम सामने आया है। कर्नाटक प्रदेश महिला कांग्रेस (KPMC) की अध्यक्ष सौम्या रेड्डी ने अपने पद से इस्तीफा देने का अनुरोध किया है। उन्होंने 20 अगस्त 2026 को अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा को पत्र लिखकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग की थी। पत्र में रेड्डी ने बताया कि उन्होंने शुरुआत में दो वर्षों के लिए यह जिम्मेदारी संभालने की सहमति दी थी। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान संगठन से मिले सहयोग और महिलाओं के साथ काम करने के अवसर के लिए आभार व्यक्त किया।हालांकि, इस्तीफा स्वीकार किए जाने की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की वेबसाइट पर सौम्या रेड्डी का नाम अभी भी कर्नाटक की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में दर्ज है।
अल्का लांबा को पत्र लिखकर पद छोड़ने की इच्छा जताई
सौम्या रेड्डी ने अपने औपचारिक पत्र में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अल्का लांबा से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुरुआत में यह जिम्मेदारी दो साल के लिए ली थी और अब वह संगठनात्मक पद से मुक्त होना चाहती हैं।रेड्डी ने अपने कार्यकाल को महत्वपूर्ण अनुभव बताते हुए कहा कि महिला कांग्रेस के माध्यम से राज्यभर की महिलाओं से सीधे संवाद करने का अवसर मिला।उन्होंने संगठन से जुड़ी महिलाओं, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ काम करने के अनुभव के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके पत्र में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर किए गए संवाद का विशेष उल्लेख किया गया।
पूरे कर्नाटक का दौरा कर महिलाओं से किया संवाद
सौम्या रेड्डी ने अपने कार्यकाल के दौरान कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की समस्याओं को समझने और उन्हें राजनीतिक तथा सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया।रेड्डी के अनुसार, स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर महिलाओं से बातचीत करना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।उन्होंने बताया कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में महिलाओं की परिस्थितियां और उनकी जरूरतें अलग-अलग हैं। ऐसे में उनके साथ सीधे संवाद करने से स्थानीय समस्याओं को समझने का अवसर मिला।महिला कांग्रेस के माध्यम से उन्होंने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में काम किया।
महिलाओं को पार्टी से जोड़ने पर रहा विशेष जोर
सौम्या रेड्डी ने अपने कार्यकाल में महिलाओं को कांग्रेस संगठन से जोड़ने को प्राथमिकता दी। उन्होंने महिलाओं को राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उनकी समस्याओं को संगठनात्मक स्तर पर सामने लाने का प्रयास किया।महिलाओं की शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उनके कामकाज के केंद्र में रहे।कांग्रेस के महिला संगठन का उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अवसर देना और सार्वजनिक जीवन में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है।
जयनगर से विधायक रह चुकी हैं सौम्या रेड्डी
सौम्या रेड्डी कर्नाटक की राजनीति में एक सक्रिय चेहरा रही हैं। वह बेंगलुरु की जयनगर विधानसभा सीट से विधायक रह चुकी हैं। वर्ष 2018 में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था।उन्होंने वर्ष 2023 का विधानसभा चुनाव भी जयनगर सीट से लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।इसके अलावा 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बेंगलुरु दक्षिण सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। सामाजिक और पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर भी वह सक्रिय रही हैं।
नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर संगठन के फैसले का इंतजार
सौम्या रेड्डी के इस्तीफे के अनुरोध के बाद कर्नाटक प्रदेश महिला कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं।हालांकि, राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से उनके स्थान पर किसी नए अध्यक्ष की नियुक्ति की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए संगठन के अगले नेतृत्व के संबंध में अंतिम निर्णय का इंतजार है।महिला कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष संगठन की गतिविधियों का संचालन करने, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और जिला स्तर तक संगठनात्मक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियों पर पड़ सकता है असर
कर्नाटक में कांग्रेस अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न वर्गों तक पहुंच बढ़ाने पर जोर देती रही है। ऐसे में महिला कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व से जुड़ा यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सौम्या रेड्डी ने अपने पत्र में संगठन के साथ बिताए समय को उपयोगी अनुभव बताया है। उन्होंने महिलाओं के साथ काम करने और उनकी समस्याओं को समझने के अवसर के लिए आभार जताया।फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि राष्ट्रीय महिला कांग्रेस उनका इस्तीफा कब स्वीकार करेगी और आगे प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी।
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