कर्नाटक

सिद्धारमैया बोले—सही दिशा में बढ़ रही शिवकुमार सरकार, वादों और सूखा राहत पर हो फोकस

Kavita2
10 Sept 2026 5:13 PM IST
सिद्धारमैया बोले—सही दिशा में बढ़ रही शिवकुमार सरकार, वादों और सूखा राहत पर हो फोकस
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बेंगलुरु : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज पर संतोष जताते हुए कहा है कि सरकार “सही दिशा” में आगे बढ़ रही है। हालांकि, उन्होंने सरकार को आगाह किया कि सत्ता के शुरुआती 100 दिन पूरे होना केवल जश्न मनाने का अवसर नहीं है। इस पड़ाव पर सरकार को अपने कामकाज की गंभीर समीक्षा करनी चाहिए और यह देखना चाहिए कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया गया है।

डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता चुनावी घोषणाओं को पूरा करना, पांच गारंटी योजनाओं को जारी रखना और सूखे से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना होनी चाहिए। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी की आवश्यकता भी जताई।

इस कार्यक्रम में कांग्रेस सरकार के शुरुआती कार्यकाल की उपलब्धियों और आने वाले समय की चुनौतियों पर चर्चा की गई। सिद्धारमैया ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए शुरुआती 100 दिन महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इसी अवधि में उसकी नीतियों, प्राथमिकताओं और प्रशासनिक दिशा की तस्वीर स्पष्ट होने लगती है। उन्होंने कहा कि इस मौके को केवल उपलब्धियों के प्रचार तक सीमित करने के बजाय आत्ममंथन के अवसर में बदलना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और पार्टी दोनों की जिम्मेदारी है कि वे यह जांचें कि जनता को दिए गए आश्वासन किस स्तर तक पूरे हुए हैं। यदि किसी योजना को लागू करने में प्रशासनिक, वित्तीय या तकनीकी बाधा आ रही है तो उसका समय रहते समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की सफलता का वास्तविक पैमाना समारोह या घोषणाएं नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में दिखाई देने वाला बदलाव है।

सिद्धारमैया ने कांग्रेस की पांच गारंटी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें जारी रखना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ये योजनाएं गृह ज्योति, गृह लक्ष्मी, शक्ति, अन्न भाग्य और युवा निधि हैं। इनके माध्यम से महिलाओं, बेरोजगार युवाओं और जरूरतमंद परिवारों को बिजली, आर्थिक सहायता, सार्वजनिक परिवहन, खाद्यान्न और बेरोजगारी सहायता जैसे लाभ दिए जाते हैं। इन योजनाओं को कांग्रेस के चुनावी अभियान का प्रमुख आधार माना जाता रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री के मुताबिक, गारंटी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। पात्र लाभार्थियों को समय पर सुविधाएं मिलें और आवेदन से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया पारदर्शी रहे, इसके लिए संबंधित विभागों को सक्रिय रहना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार को योजनाओं के लाभार्थियों से प्रतिक्रिया लेकर कमियों को दूर करना चाहिए। पांच गारंटी योजनाओं को लेकर वित्तीय दबाव और पात्रता जैसे मुद्दे भी राजनीतिक चर्चा का विषय रहे हैं, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व इन्हें सामाजिक और आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम बताता रहा है।

सिद्धारमैया ने सूखे की स्थिति को सरकार के सामने मौजूद बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि वर्षा की कमी से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों और ग्रामीण परिवारों की समस्याओं पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है। फसल नुकसान का आकलन, पेयजल की उपलब्धता, पशुओं के लिए चारा, रोजगार के अवसर और पात्र किसानों को सहायता जैसे मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता से काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सूखे से निपटने के लिए केवल तात्कालिक राहत पर्याप्त नहीं होगी। सरकार को जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण रोजगार से जुड़े दीर्घकालिक उपायों पर भी काम करना चाहिए। जिला और तालुक स्तर के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटानी चाहिए, ताकि राहत संबंधी फैसले स्थानीय जरूरतों के आधार पर लिए जा सकें।

कांग्रेस सरकार के सामने कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखते हुए विकास परियोजनाओं और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने की चुनौती भी है। सिद्धारमैया के बयान को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने सरकार की दिशा का समर्थन किया, लेकिन साथ ही यह संदेश भी दिया कि चुनावी जनादेश को बनाए रखने के लिए लगातार जवाबदेही और परिणाम जरूरी हैं।

उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने तथा लोगों की शिकायतें प्रशासन के सामने रखने की अपील की। उनका कहना था कि सरकार और जनता के बीच संवाद मजबूत रहने से योजनाओं की कमियां जल्दी सामने आती हैं और उनका समाधान भी समय पर किया जा सकता है।

सिद्धारमैया ने कहा कि 100 दिनों की उपलब्धियों का मूल्यांकन आगे की नीति तैयार करने में मदद करेगा। जिन विभागों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, उनके अनुभवों का उपयोग अन्य क्षेत्रों में किया जा सकता है। वहीं, जहां लक्ष्य पूरे नहीं हुए हैं, वहां जिम्मेदारी तय कर कार्यप्रणाली में सुधार किया जाना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि डीके शिवकुमार के नेतृत्व में सरकार चुनावी घोषणाओं और जनहित की नीतियों को आगे बढ़ाएगी। सरकार के 100 दिन पूरे होने से जुड़े कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि सही दिशा में बढ़ना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है कि विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचे।

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