कर्नाटक

स्कूल के पुराने कमरे में लगी भीषण आग दो लाख का सामान जलकर खाक

Kavita2
10 Sept 2026 4:35 PM IST
स्कूल के पुराने कमरे में लगी भीषण आग दो लाख का सामान जलकर खाक
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बेंगलुरु। बेंगलुरु दक्षिण जिले के मगदी तालुक स्थित कुदुर कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस) में बुधवार देर रात भीषण आग लग गई। आग स्कूल के एक पुराने कमरे में लगी और कुछ ही देर में उसने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में कमरे के अंदर रखा फर्नीचर तथा पढ़ाई-लिखाई से संबंधित सामान जलकर नष्ट हो गया। नुकसान की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है।

राहत की बात यह रही कि घटना देर रात हुई और उस समय स्कूल परिसर में बच्चे मौजूद नहीं थे। इस कारण किसी विद्यार्थी या कर्मचारी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग से स्कूल की पुरानी इमारत का एक कमरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आग लगने की जानकारी मिलने के बाद दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया।

बताया जा रहा है कि स्कूल की नई इमारत का निर्माण होने के बाद पुरानी इमारत के संबंधित कमरे का नियमित उपयोग बंद कर दिया गया था। कमरा खाली छोड़ दिया गया था, लेकिन उसके अंदर पुराना फर्नीचर, शैक्षणिक सामग्री और अन्य सामान रखा हुआ था। बुधवार देर रात इस कमरे से अचानक धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं।

आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी दमकल विभाग और संबंधित अधिकारियों को दी गई। आग तेजी से फैल रही थी और पूरा कमरा उसकी चपेट में आ चुका था। कमरे के भीतर लकड़ी का फर्नीचर और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने के कारण लपटें और अधिक तेज हो गईं।

दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही आग बुझाने का अभियान शुरू किया। लपटों को दूसरे कमरों और आसपास के हिस्सों तक पहुंचने से रोकना उनकी पहली प्राथमिकता थी। लगातार पानी डालकर आग पर नियंत्रण पाया गया। समय रहते आग बुझा दिए जाने के कारण वह स्कूल परिसर के अन्य हिस्सों तक नहीं पहुंच सकी और बड़ा नुकसान टल गया।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग में डेस्क, बेंच, कुर्सियां और पढ़ाई से जुड़ा अन्य सामान जल गया। कमरे में मौजूद अधिकांश सामग्री आग की चपेट में आने के कारण इस्तेमाल योग्य नहीं बची। कमरे की दीवारें और छत भी धुएं तथा तेज गर्मी से प्रभावित हुई हैं। क्षतिग्रस्त सामान का मूल्य करीब दो लाख रुपये आंका जा रहा है, हालांकि वास्तविक नुकसान का पता विस्तृत आकलन के बाद ही चलेगा।

आग लगने का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। यह पता लगाया जा रहा है कि पुराने और उपयोग में नहीं आ रहे कमरे में आग कैसे लगी। शॉर्ट सर्किट, किसी ज्वलनशील वस्तु या बाहरी गतिविधि समेत सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया जा सकता है। आधिकारिक पड़ताल के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह सामने आएगी।

घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने प्रभावित कमरे और उसके आसपास विद्यार्थियों की आवाजाही रोक दी है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मजबूती और सुरक्षा का परीक्षण कराया जाना जरूरी माना जा रहा है। आग की तेज गर्मी से कमरे की छत, दीवारों, बिजली की वायरिंग और दरवाजों को नुकसान पहुंचा हो सकता है। सुरक्षा संबंधी स्थिति स्पष्ट होने तक उस क्षेत्र का उपयोग नहीं किया जाएगा।

स्कूल परिसर में लगी आग ने पुरानी इमारतों और खाली कमरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उपयोग में नहीं आने वाले कमरों में यदि पुराना फर्नीचर, कागज, किताबें या दूसरी ज्वलनशील वस्तुएं रखी जाती हैं, तो वहां नियमित निगरानी आवश्यक होती है। बिजली का कनेक्शन बंद करने, वायरिंग की जांच कराने और अनावश्यक सामग्री हटाने से ऐसी घटनाओं का खतरा कम किया जा सकता है।

शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होती है। स्कूलों में अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकास, पानी की व्यवस्था और अलार्म सिस्टम सक्रिय स्थिति में होने चाहिए। कर्मचारियों को भी यह प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए कि आग लगने पर विद्यार्थियों को सुरक्षित तरीके से कैसे बाहर निकाला जाए और प्रारंभिक स्तर पर आग बुझाने के लिए किन उपकरणों का उपयोग किया जाए।

इस मामले में घटना रात के समय हुई, इसलिए विद्यार्थियों की जान को कोई खतरा नहीं हुआ। यदि यही घटना स्कूल खुला रहने के दौरान होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। इसी कारण स्कूल प्रबंधन से परिसर की सभी पुरानी और नई इमारतों का सुरक्षा ऑडिट कराने की अपेक्षा की जा रही है। बिजली के बोर्ड, तार, स्विच और भंडारण कक्षों की नियमित जांच भी आवश्यक है।

आग के बाद स्कूल परिसर में जले हुए फर्नीचर और सामान को हटाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है। साथ ही क्षतिग्रस्त कमरे की मरम्मत या उसे अनुपयोगी घोषित करने पर भी निर्णय लिया जा सकता है। नई इमारत में कक्षाओं का संचालन होने के कारण विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई पर तत्काल बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका नहीं है। फिर भी पुराने कमरे में रखा शैक्षणिक सामान नष्ट होने से स्कूल को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं। समय पर सूचना मिलने और दमकल विभाग के पहुंचने से आग को स्कूल के दूसरे हिस्सों में फैलने से रोक लिया गया। यदि आग कुछ देर और अनियंत्रित रहती तो पास के कमरों तथा इमारत के अन्य हिस्सों को भी नुकसान हो सकता था।

संबंधित अधिकारियों से घटना की रिपोर्ट तैयार करने और नुकसान का विस्तृत विवरण जुटाने की अपेक्षा है। स्कूल में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जा सकती है। इसके आधार पर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल स्कूल के एक पुराने कमरे में लगी आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है। घटना में किसी व्यक्ति को चोट नहीं पहुंची, लेकिन करीब दो लाख रुपये मूल्य का फर्नीचर और शैक्षणिक सामान जलने की बात सामने आई है। आग के कारणों की पुष्टि होने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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