
Karnataka कर्नाटक: विरोध के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को अनेकल के सूर्यनगर में प्रस्तावित नए क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि स्टेडियम के निर्माण से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि यह क्षेत्र पर्यटन को भी आकर्षित करेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं का विकास किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान देता है।
अपने संबोधन में सिद्धारमैया ने अन्य बड़े स्टेडियमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुजरात में बने स्टेडियम में 90,000 लोगों के बैठने की क्षमता है, जबकि अनेकल में बन रहा यह नया स्टेडियम देश का दूसरा सबसे बड़ा स्टेडियम होगा, जिसकी क्षमता लगभग 80,000 दर्शकों की होगी। उन्होंने दावा किया कि यह स्टेडियम भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी करने में सक्षम होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस परियोजना से आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। निर्माण कार्य से लेकर भविष्य में होने वाले आयोजनों तक, इस परियोजना का व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा कि यह स्टेडियम बेंगलुरु के लोगों के लिए सरकार की ओर से एक बड़ा तोहफ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य खेल ढांचे को मजबूत करना और शहर को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक प्रमुख स्थान दिलाना है।
बेंगलुरु ग्रामीण के पूर्व सांसद डी के सुरेश ने भी इस परियोजना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बेंगलुरु के चारों कोनों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम बनाए जाने चाहिए, ताकि खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिल सके और राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके।
हालांकि, इस परियोजना को लेकर कुछ स्थानों पर विरोध भी देखा गया, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रशासन का कहना है कि सभी आवश्यक अनुमतियों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया है और परियोजना से क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
यह स्टेडियम कर्नाटक में खेल अवसंरचना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल क्रिकेट को बढ़ावा मिलेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की मेजबानी की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।





