
बेंगलुरु : सोमवार दोपहर हुई तेज बारिश ने एक बार फिर शहर की सड़कों और यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। दोपहर करीब 3.30 बजे से शाम 5 बजे के बीच शहर में 17.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। करीब डेढ़ घंटे की बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, जबकि मुख्य कॉर्पोरेशन क्षेत्र में कई जगह पेड़ और उनकी शाखाएं गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। जलभराव के कारण अलग-अलग इलाकों में वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का सबसे अधिक असर बेंगलुरु ईस्ट म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कई इलाकों में देखने को मिला। हेन्नूर, डोड्डानेकुंडी, ओकलीपुरम, आईटीपीएल, कस्तूरीनगर और इंदिरा नगर की कई सड़कों पर पानी जमा हो गया। व्यस्त समय के दौरान बारिश होने के कारण इन रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
शिवानंद सर्कल और हूडी अंडरपास में भी बारिश का पानी जमा हो गया। अंडरपास और निचले इलाकों में जलभराव होने से वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ा। कुछ रास्तों पर ज्यादा पानी जमा होने के कारण ट्रैफिक की रफ्तार काफी कम हो गई।
डोड्डानेकुंडी स्थित संहिता सेरेनिटी अपार्टमेंट के पास की सड़क पर भी भारी जलभराव देखा गया। सड़क पर जमा पानी के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। बारिश के दौरान शहर के कई ऐसे हिस्से प्रभावित हुए जो रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही वाले प्रमुख मार्ग हैं।
एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले हेब्बल फ्लाईओवर के निचले ढलान पर भी पानी भर गया। यह मार्ग बेंगलुरु एयरपोर्ट की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण रास्तों में शामिल है। जलभराव के कारण यहां वाहनों की गति प्रभावित हुई और व्यस्त समय में ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया।
महादेवपुरा की तरफ जाने वाली रेनबो सर्विस रोड भी बारिश के पानी से प्रभावित हुई। इसी तरह हेब्बल की ओर कस्तूरीनगर ढलान पर जलभराव की स्थिति बनी रही। सड़कों पर पानी जमा होने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को सावधानी से गुजरना पड़ा।
हाई ग्राउंड जंक्शन की ओर जाने वाले विंडसर मैनर ब्रिज पर भी पानी भरने की सूचना सामने आई। इसके अलावा येलाहंका के पास कोडिगेहल्ली की सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो गया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ जलभराव होने से कई प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया।
बारिश के दौरान मुख्य कॉर्पोरेशन क्षेत्र में पेड़ और पेड़ों की शाखाएं गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। तेज बारिश और मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ों के उखड़ने और शाखाओं के सड़क पर गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। ऐसे स्थानों पर वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
हालांकि राहत की बात यह रही कि बारिश रुकने के बाद अधिकांश स्थानों से धीरे-धीरे पानी उतरने लगा। इसके बावजूद जलभराव के दौरान पैदा हुई यातायात की समस्या का असर काफी समय तक बना रहा। सड़क पर जमा पानी हटने के बाद भी वाहनों की लंबी कतारों को सामान्य होने में समय लगा।
बेंगलुरु में बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। खासकर निचले इलाकों, अंडरपास और व्यस्त जंक्शनों पर कम समय में तेज बारिश होने पर पानी जमा होने की समस्या सामने आती है। सोमवार की बारिश ने भी शहर के कई हिस्सों में इसी तरह की स्थिति पैदा कर दी।
आईटीपीएल, महादेवपुरा और डोड्डानेकुंडी जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां और कार्यालय स्थित हैं। शाम के समय इन इलाकों में कर्मचारियों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में दोपहर बाद हुई बारिश और उसके बाद हुए जलभराव के कारण कार्यालयों से घर लौटने वाले लोगों को भी ट्रैफिक की परेशानी का सामना करना पड़ा।
इंदिरा नगर, कस्तूरीनगर और हेन्नूर जैसे क्षेत्रों में भी यातायात पर असर दिखाई दिया। कई सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन धीमी गति से आगे बढ़ते रहे। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए पानी से भरी सड़कों से निकलना मुश्किल रहा।
बेंगलुरु जैसे तेजी से विकसित होते महानगर में भारी बारिश के दौरान ट्रैफिक और जल निकासी की व्यवस्था बड़ी चुनौती बनी हुई है। सोमवार को केवल डेढ़ घंटे के भीतर 17.3 मिमी बारिश होने के बाद विभिन्न स्थानों पर हुए जलभराव ने एक बार फिर इस समस्या को सामने ला दिया।
बारिश बंद होने के बाद स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आया और सड़कों पर जमा पानी उतर गया। इसके बाद यातायात भी सामान्य होने लगा। हालांकि कुछ समय तक शहर के कई महत्वपूर्ण मार्गों पर इसका असर बना रहा।
सोमवार की बारिश ने हेन्नूर से लेकर आईटीपीएल, इंदिरा नगर, महादेवपुरा, हेब्बल और येलाहंका तक कई इलाकों को प्रभावित किया। कम समय की बारिश के बावजूद सड़क पर पानी भरने और पेड़ गिरने की घटनाओं ने शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा।





