कर्नाटक

कर्नाटक में गन्ना किसानों का आंदोलन तेज CM डीके शिवकुमार जाएंगे बेलगावी

Ratna Netam
17 Oct 2026 4:10 PM IST
कर्नाटक में गन्ना किसानों का आंदोलन तेज CM डीके शिवकुमार जाएंगे बेलगावी
x
बेंगलुरु। कर्नाटक में गन्ने की कीमत बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे गन्ना उत्पादकों की समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही बेलगावी जाकर आंदोलनकारी किसानों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि गन्ना उत्पादक किसान कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गन्ने की कीमतों से जुड़ा मामला केवल कर्नाटक का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा है।
बेलगावी जाकर किसानों से बातचीत करेंगे मुख्यमंत्री
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की परेशानियों को समझती है। उन्होंने बताया कि वह बेलगावी जाकर गन्ना उत्पादकों से सीधे संवाद करेंगे।शिवकुमार ने कहा, "मैं अपने गन्ना किसानों से बात करने के लिए बेलगावी जा रहा हूं। वे बहुत मेहनत कर रहे हैं और मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। हम उनकी स्थिति समझते हैं, लेकिन इसमें कई मुद्दे शामिल हैं। मैं उनसे बात करूंगा, उनकी चिंताओं को समझूंगा और देखूंगा कि क्या हम उन्हें कोई मदद दे सकते हैं।"उन्होंने आगे कहा कि गन्ने की कीमतों से जुड़ी समस्याएं राष्ट्रीय स्तर की हैं। राज्य सरकार पहले भी कुछ मुद्दों को संबंधित अधिकारियों के सामने उठा चुकी है।
गन्ने की कीमत बढ़ाने की मांग पर अड़े किसान
कर्नाटक में किसान संगठन गन्ने के लिए अधिक लाभकारी मूल्य और चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।आंदोलनकारी किसानों की प्रमुख मांगों में चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 31 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलो करना और गन्ने का मूल्य 5,500 रुपये प्रति टन निर्धारित करना शामिल है।किसानों का कहना है कि खेती में इस्तेमाल होने वाली खाद, कीटनाशक, सिंचाई, मजदूरी और परिवहन की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मौजूदा कीमतों पर खेती से पर्याप्त आमदनी नहीं हो पा रही है।किसान संगठनों ने सरकार से एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और गन्ना उत्पादकों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
हाईवे जाम कर किसानों ने जताया विरोध
गन्ने की कीमतों को लेकर चल रहा आंदोलन बेलगावी और आसपास के क्षेत्रों में तेज हो गया है। किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रदर्शन और पदयात्रा की है।आंदोलन के दौरान पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। कोगनोली टोल प्लाजा सहित कई स्थानों पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया।किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी केवल आश्वासन के बजाय कीमतों को लेकर स्पष्ट सरकारी निर्णय चाहते हैं।
केंद्र सरकार ने बनाई विशेष समिति
गन्ना उत्पादकों की मांगों पर विचार करने के लिए केंद्र सरकार ने भी कदम उठाया है। केंद्र ने पूर्व नीति आयोग सदस्य रमेश चंद की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है।यह समिति कर्नाटक और महाराष्ट्र के गन्ना किसानों की मांगों, गन्ने के लाभकारी मूल्य और चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य सहित विभिन्न मुद्दों का अध्ययन करेगी।हालांकि, किसान संगठनों का कहना है कि समिति गठित होने के साथ कीमतों पर तत्काल निर्णय लेना भी आवश्यक है।
गन्ने की कीमत पर केंद्र और राज्य की भूमिका
गन्ना किसानों की मांगों में चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य और गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य शामिल हैं। दोनों की मूल्य निर्धारण प्रक्रियाएं अलग हैं।केंद्र सरकार गन्ने के लिए उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) निर्धारित करती है। वहीं, चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य वह दर है, जिसके नीचे चीनी मिलों को चीनी बेचने की अनुमति नहीं होती।किसान संगठनों का तर्क है कि चीनी का बिक्री मूल्य बढ़ने से मिलों की भुगतान क्षमता बेहतर हो सकती है और गन्ना उत्पादकों को अधिक लाभ मिल सकता है।
किसानों की समस्याओं का समाधान निकालने पर जोर
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि वह किसानों से मुलाकात करके उनकी वास्तविक परेशानियों को समझेंगे। इसके बाद यह देखा जाएगा कि राज्य सरकार किस स्तर पर सहायता उपलब्ध करा सकती है।इस बीच किसान संगठन लंबित भुगतान, उत्पादन लागत और उचित मूल्य जैसी मांगों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं।अब किसानों की नजर मुख्यमंत्री की प्रस्तावित बेलगावी यात्रा और केंद्र सरकार की समिति की सिफारिशों पर है। फिलहाल गन्ने की कीमतों को लेकर कोई अंतिम समाधान सामने नहीं आया है।
Next Story