
Karnataka कर्नाटक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में उनके लगातार 12 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहने को लेकर एक बधाई प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव पेश होने के दौरान कैबिनेट सहयोगियों ने खड़े होकर प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि पर तालियां बजाईं और उन्हें बधाई दी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के कार्यकाल की स्थिरता और उनकी नेतृत्व क्षमता को मान्यता देने के लिए पेश किया गया। प्रस्ताव में उल्लेख किया गया कि नरेंद्र मोदी ने लगातार 12 वर्षों तक प्रधानमंत्री पद संभालकर देश के राजनीतिक इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
बैठक के बाद, शाम को NDA सदस्यों ने भारत मंडप, दिल्ली में प्रधानमंत्री की इस उपलब्धि का जश्न मनाया। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में हुए विभिन्न विकासात्मक कदमों और नीतियों की सराहना की। जश्न के दौरान कैबिनेट सहयोगियों और NDA नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में आए बदलावों को याद किया।
हालांकि, इस आयोजन पर कुछ आलोचनाएं भी सामने आई हैं। पूर्व मंत्री डॉ. एच. सी. महादेवप्पा ने इस पर सवाल उठाया और कहा कि यह समझना ज़रूरी है कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी को सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री का दर्जा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "अगर आप समझदार हैं, तो ज़रा यह समझाएं कि नेहरू और इंदिरा गांधी के शासनकाल के वर्षों को जोड़कर प्रधानमंत्री मोदी कैसे सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं।"
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के लगातार कार्यकाल को देखते हुए यह रिकॉर्ड उनके समर्थकों के लिए गर्व का विषय है, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से चुनौती देने का मौका मान रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी के कार्यकाल में केंद्र सरकार ने कई आर्थिक, सामाजिक और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिन्हें उनके समर्थक लगातार सराहते आए हैं।
इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में विभिन्न योजनाओं और पहलों को भी इस उपलब्धि के अवसर पर याद किया गया। इसमें डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, आयुष्मान भारत, और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियां शामिल हैं। NDA नेताओं ने बैठक और जश्न के दौरान इस बात पर जोर दिया कि 12 साल के लगातार प्रधानमंत्री पद पर रहने से देश को राजनीतिक स्थिरता और नीति निरंतरता मिली है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस रिकॉर्ड को लेकर मीडिया और आम जनता में भी चर्चा हो रही है। समर्थक इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि मान रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक गणना और अन्य प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल के मुकाबले सवालों के घेरे में रख रहा है।





