कर्नाटक

Mysore : पिछले दो सालों से घूम रही मादा बाघ को बगीचे में पिंजरे में पकड़ा गया

Kavita2
11 Jun 2026 1:37 PM IST
Mysore : पिछले दो सालों से घूम रही मादा बाघ को बगीचे में पिंजरे में पकड़ा गया
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Karnataka कर्नाटक: मैसूर जिले के हुंसुर तालुक के हनागोडु होबली के कुडलूर गांव के पास आज लोगों ने राहत की सांस ली, जब पिछले दो सालों से इलाके में आतंक मचाने वाली मादा बाघ को आखिरकार पकड़ लिया गया। यह बाघ लगभग चार साल की थी और उसे अक्सर स्थानीय लोगों ने देखा था।

बाघ को पूर्व विधायक एच.पी. मंजूनाथ के बगीचे में रखे पिंजरे में फंसते हुए पकड़ा गया। वन विभाग और स्थानीय अधिकारियों की टीम ने बाघ को सुरक्षित तरीके से पिंजरे में फंसाने के लिए विशेष उपाय किए। बाघ के इस क्षेत्र में लगातार घूमने से स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था।

जानकारी के मुताबिक, इस मादा बाघ ने पिछले दो सालों में कई मवेशियों को मार डाला था। ग्रामीण शाम के समय घरों से बाहर निकलने से डरते थे और खेतों में काम करने के लिए भी सावधानी बरतनी पड़ती थी। बाघ की गतिविधियों की लगातार निगरानी के लिए वन विभाग ने कैमरा ट्रैप और पेट्रोलिंग का सहारा लिया था।

वन अधिकारियों ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए सुरक्षित तरीके से पिंजरा तैयार किया गया था और इसे वहां रखकर बाघ को आकर्षित किया गया। पिंजरे में फंसते ही बाघ को तुरंत शांत किया गया और किसी प्रकार की चोट से बचाने के लिए पूरी सावधानी बरती गई।

स्थानीय लोगों ने कहा कि बाघ का पकड़ना उनकी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है। पिछले दो सालों में मवेशियों और घर के आसपास बाघ की गतिविधियों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी। इस घटना के बाद इलाके में एक बार फिर सामान्य जीवन की ओर लौटने की उम्मीद जगी है।

वन विभाग ने आगे कहा कि बाघ को फिलहाल सुरक्षित स्थल पर रखा जाएगा और बाद में उसे उपयुक्त वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। इससे न केवल बाघ की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि लोगों की सुरक्षा भी बनी रहेगी।

स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए कई दिन तक योजना बनाई और सावधानीपूर्वक कार्रवाई की। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अनुरोध किया है कि वे बाघ को देखने या उसके पास जाने की कोशिश न करें, ताकि कोई अनहोनी घटना न घटे।

इस मादा बाघ का पकड़ा जाना इलाके के लोगों के लिए राहत का कारण बन गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग और अधिकारियों को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की।

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