बिहार

TMBU के 10 नए डिग्री कॉलेजों में जल्द होगी 100 से अधिक अंशकालिक शिक्षकों की तैनाती

Kavita2
6 Aug 2026 1:34 PM IST
TMBU के 10 नए डिग्री कॉलेजों में जल्द होगी 100 से अधिक अंशकालिक शिक्षकों की तैनाती
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भागलपुर: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के अधीन संचालित भागलपुर और बांका जिले के 10 नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में जल्द ही शिक्षकों की कमी दूर होने वाली है। इन कॉलेजों में बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) से चयनित 100 से अधिक अंशकालिक शिक्षकों की नियुक्ति की तैयारी की जा रही है।

इन शिक्षकों का चयन विश्वविद्यालय सेवा आयोग की प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। नियुक्ति पूरी होने के बाद टीएमबीयू की शिक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विश्वविद्यालय में अब शिक्षकों की तीन अलग-अलग श्रेणियां होंगी, जिनमें नियमित शिक्षक, पहले से कार्यरत अतिथि शिक्षक और आयोग से चयनित नए अंशकालिक शिक्षक शामिल होंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि नए शिक्षकों की तैनाती से सबसे ज्यादा फायदा उन 10 नवस्थापित डिग्री कॉलेजों को मिलेगा, जहां वर्तमान में स्थायी शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इन कॉलेजों में फिलहाल टीएमबीयू के विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों और अंगीभूत कॉलेजों के शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर भेजकर शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

नए अंशकालिक शिक्षकों की नियुक्ति के बाद इन कॉलेजों में नियमित कक्षाएं संचालित करने में आसानी होगी। इससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा और विश्वविद्यालय के अन्य विभागों पर भी अतिरिक्त शिक्षण भार कम होगा।

टीएमबीयू के अधिकारियों के अनुसार, नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में उच्च शिक्षा के विस्तार को देखते हुए शिक्षकों की उपलब्धता बेहद जरूरी थी। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में खोले गए इन कॉलेजों का उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है।

हालांकि, शिक्षकों की कमी के कारण इन कॉलेजों में कई विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से संचालित करने में परेशानी आ रही थी। प्रतिनियुक्त शिक्षकों के सहारे व्यवस्था चल रही थी, लेकिन लंबे समय के लिए यह समाधान पर्याप्त नहीं माना जा रहा था।

विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि नए अंशकालिक शिक्षकों की नियुक्ति से शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे छात्रों को विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार आएगा।

इन 10 कॉलेजों में भागलपुर और बांका जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित नवस्थापित संस्थान शामिल हैं। इन कॉलेजों की स्थापना का उद्देश्य स्थानीय छात्रों को स्नातक स्तर की शिक्षा के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।

विश्वविद्यालय में शिक्षकों की तीन श्रेणियों का नया ढांचा बनने के बाद प्रशासन को शिक्षकों के समन्वय और जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करने की भी जरूरत होगी। नियमित शिक्षक विश्वविद्यालय की स्थायी व्यवस्था का हिस्सा होंगे, जबकि अतिथि और अंशकालिक शिक्षक निर्धारित शर्तों के अनुसार शिक्षण कार्य करेंगे।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी उच्च शिक्षा संस्थान की गुणवत्ता शिक्षकों की उपलब्धता और उनकी नियमित भागीदारी पर निर्भर करती है। ऐसे में नए शिक्षकों की नियुक्ति छात्रों के हित में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

अंशकालिक शिक्षकों की तैनाती से न केवल कक्षाओं का संचालन बेहतर होगा, बल्कि छात्रों को पाठ्यक्रम पूरा करने में भी मदद मिलेगी। इससे परीक्षा परिणामों और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

विश्वविद्यालय प्रशासन अब नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में जुटा है। चयनित शिक्षकों की तैनाती के बाद कॉलेजों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

गौरतलब है कि बिहार के कई विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। सरकार और विश्वविद्यालय स्तर पर इस समस्या को दूर करने के लिए अलग-अलग कदम उठाए जा रहे हैं। टीएमबीयू में अंशकालिक शिक्षकों की नियुक्ति भी इसी दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, टीएमबीयू के 10 नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में नए शिक्षकों की नियुक्ति से उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे छात्रों को नियमित पढ़ाई, बेहतर मार्गदर्शन और अधिक प्रभावी शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।

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