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कांवड़ में विराजमान मां दुर्गा, राधा-कृष्ण और गणेश-लक्ष्मी
अजगैवीनाथ धाम (भागलपुर) : सावन के पावन महीने में शिवभक्ति का रंग हर तरफ देखने को मिल रहा है। इसी बीच पटना के कुछ श्रद्धालुओं की अनोखी कांवड़ यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। ये भक्त पिछले 25 वर्षों से लगातार बाबाधाम (देवघर) की यात्रा कर रहे हैं और इस बार भी विशेष कांवड़ लेकर भगवान शिव के दरबार में पहुंचने की तैयारी में हैं।
इनकी कांवड़ की खासियत यह है कि इसमें सिर्फ जल नहीं, बल्कि मां दुर्गा, राधा-कृष्ण और गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं।
आस्था और परंपरा का अनोखा संगम
पटना के श्रद्धालुओं का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही आस्था और संकल्प का प्रतीक है।
हर साल सावन में वे पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ कांवड़ लेकर बाबाधाम पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं।
विशेष रूप से तैयार की गई कांवड़
इस कांवड़ को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। इसमें देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को स्थान दिया गया है, जो इसे अन्य कांवड़ों से अलग बनाती हैं।
श्रद्धालुओं का मानना है कि देवी-देवताओं की मौजूदगी से यात्रा में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता बनी रहती है।
25 साल से जारी है यात्रा
भक्तों ने बताया कि बाबाधाम जाने की यह परंपरा करीब ढाई दशक से जारी है। हर साल नए उत्साह और भक्ति भाव के साथ वे यात्रा पूरी करते हैं।
कठिन रास्तों और लंबी दूरी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं होता।
भक्तों में दिख रहा उत्साह
सावन के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। पटना के इन भक्तों की अनोखी कांवड़ यात्रा भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
लोग इसे आस्था, संस्कृति और धार्मिक एकता का सुंदर उदाहरण बता रहे हैं।
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