कर्नाटक

प्रज्वल रेवन्ना की जेल सेल से मोबाइल और पेन ड्राइव बरामद, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Kavita2
13 Aug 2026 1:44 PM IST
प्रज्वल रेवन्ना की जेल सेल से मोबाइल और पेन ड्राइव बरामद, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
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बेंगलुरु। रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जेल सेल से मोबाइल फोन और पेन ड्राइव बरामद होने के बाद कर्नाटक की जेल व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) पुलिस की छापेमारी के दौरान बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में प्रज्वल रेवन्ना के पास से प्रतिबंधित सामान मिलने की जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि तलाशी अभियान के दौरान जेल प्रशासन और जांच टीम को प्रज्वल रेवन्ना की सेल से एक मोबाइल फोन, चार्जर, पॉकेट नोटबुक और पेन ड्राइव मिली। इस घटना के बाद जेल विभाग में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठने लगे।

जानकारी के अनुसार, प्रज्वल रेवन्ना की सेल से एक नीले रंग का Redmi 5G मोबाइल फोन, एक चार्जर, नीली पॉकेट नोटबुक और काले रंग की Sandisk पेन ड्राइव बरामद की गई। जांच के दौरान मोबाइल फोन और पेन ड्राइव में कथित तौर पर अश्लील वीडियो मिलने की बात सामने आई है।

इस मामले के सामने आने के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह है कि कड़ी सुरक्षा वाली जेल में एक कैदी तक मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान कैसे पहुंचा। जेल में बंद कैदियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब जांच शुरू कर दी गई है।

घटना के बाद प्रज्वल रेवन्ना को VIP सेल से हटाकर सामान्य कैदियों वाली सेल में स्थानांतरित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुरक्षा कारणों और जेल नियमों के उल्लंघन को देखते हुए उठाया गया है।

प्रज्वल रेवन्ना कर्नाटक के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के परिवार से आते हैं और हासन लोकसभा सीट से पूर्व सांसद रह चुके हैं। उनके खिलाफ दर्ज रेप मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद हैं।

जेल में मोबाइल फोन जैसे प्रतिबंधित उपकरणों का मिलना गंभीर सुरक्षा चूक माना जाता है। जेलों में कैदियों के पास मोबाइल पहुंचना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका भी रहती है।

घटना के बाद राज्य के गृह विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने जेल प्रशासन से जवाब मांगा है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जेल अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि मोबाइल फोन और पेन ड्राइव प्रज्वल रेवन्ना तक कैसे पहुंचे और इसमें जेल के किसी कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

जांच एजेंसियां अब बरामद मोबाइल और अन्य सामान से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फोन का इस्तेमाल कब से किया जा रहा था और उसमें मौजूद सामग्री कहां से आई।

कर्नाटक की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। कैदियों के पास मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की बरामदगी जेल प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

इस मामले ने एक बार फिर यह चर्चा तेज कर दी है कि हाई प्रोफाइल कैदियों को जेल में मिलने वाली सुविधाओं और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि जेलों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए, ताकि किसी भी कैदी को विशेष सुविधा या अनुचित लाभ न मिल सके।

फिलहाल प्रज्वल रेवन्ना की सेल से मिले मोबाइल फोन और पेन ड्राइव की जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर जेल कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।

इस घटना के बाद परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और प्रशासन पर अब जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ गया है।

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