
मंगलुरु। करकला विधानसभा क्षेत्र के विकास और आगामी ऐतिहासिक महामस्तकाभिषेक की तैयारियों को लेकर करकला के विधायक एवं पूर्व मंत्री वी. सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच करकला क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, विकास परियोजनाओं और ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। विधायक ने मुख्यमंत्री से आयोजन को देखते हुए करकला के लिए विशेष धनराशि जारी करने का अनुरोध किया।
श्री गोम्मटेश्वरस्वामी का महामस्तकाभिषेक करकला के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। यह ऐतिहासिक आयोजन हर 12 वर्ष में एक बार आयोजित किया जाता है। आगामी महामस्तकाभिषेक 18 फरवरी 2027 से शुरू होकर दस दिनों तक चलेगा। आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए करकला में अभी से आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
विशेष बजट जारी करने की मांग
विधायक वी. सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री के सामने करकला की मौजूदा जरूरतों और आगामी महामस्तकाभिषेक को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास कार्यों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है। ऐसे में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, यातायात, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से करकला में आवश्यक बुनियादी ढांचा सुविधाएं विकसित करने के लिए विशेष धनराशि जारी करने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि आयोजन की तैयारियां समय रहते शुरू होने से प्रशासन को भी काम पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
महामस्तकाभिषेक केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन से स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। इसके लिए स्थायी आधारभूत ढांचे का निर्माण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तटीय जिलों के विकास का मुद्दा भी उठाया
मंगलुरु में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान भी विधायक वी. सुनील कुमार ने तटीय कर्नाटक के विकास से जुड़े मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने तटीय जिलों के सर्वांगीण और दीर्घकालिक विकास के लिए स्थायी योजनाएं तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि तटीय क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियां अन्य क्षेत्रों से अलग हैं। ऐसे में यहां के विकास के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। तटीय जिलों में पर्यटन, बुनियादी ढांचा, रोजगार, सड़क संपर्क और अन्य क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से काम किए जाने की आवश्यकता है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि तटीय जिलों के विकास को केवल तत्काल जरूरतों तक सीमित न रखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जाएं। इससे क्षेत्र में स्थायी विकास को गति मिल सकती है और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
महामस्तकाभिषेक के लिए तैयारियां जरूरी
करकला में होने वाला महामस्तकाभिषेक धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन है। हर 12 वर्ष में आयोजित होने वाले इस समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। आगामी आयोजन फरवरी 2027 में प्रस्तावित है और दस दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देश-विदेश से लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए करकला में मौजूदा बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना प्रशासन के सामने प्रमुख चुनौती होगी। आयोजन के दौरान यातायात प्रबंधन, पार्किंग, आवास, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा।
इसी वजह से विधायक की मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि विकास कार्यों के लिए विशेष बजट उपलब्ध कराया जाता है तो आयोजन से पहले आवश्यक परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
सरकार से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद विधायक वी. सुनील कुमार ने कहा कि उन्होंने डी.के. शिवकुमार के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लंबी चर्चा की। उन्होंने करकला विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास से संबंधित विभिन्न विषय मुख्यमंत्री के सामने रखे।
विधायक ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि करकला के विकास के लिए आवश्यक परियोजनाओं को राज्य सरकार की ओर से उचित प्रतिक्रिया मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग और धन उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी महामस्तकाभिषेक को सफल बनाने के लिए सरकार, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। आयोजन की तैयारियों को समय रहते गति देने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं दी जा सकेंगी।
विकास और धार्मिक पर्यटन को मिल सकती है नई गति
महामस्तकाभिषेक की तैयारियों के बहाने करकला में बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। यदि आयोजन से पहले सड़क, स्वच्छता, पेयजल और अन्य सुविधाओं में स्थायी सुधार किया जाता है तो इसका लाभ समारोह समाप्त होने के बाद भी स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मिलता रहेगा।
विधायक और मुख्यमंत्री की मुलाकात में क्षेत्रीय विकास तथा तटीय जिलों के दीर्घकालिक विकास पर हुई चर्चा इसी व्यापक दृष्टिकोण की ओर संकेत करती है। अब लोगों की नजर राज्य सरकार के अगले कदम और करकला के लिए प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को मिलने वाली मंजूरी पर रहेगी।





