
Karnataka कर्नाटक: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को कर्नाटक से आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर रिटर्निंग ऑफिसर विशालाक्षी के पास जमा किया। विशालाक्षी कर्नाटक लेजिस्लेटिव असेंबली की सेक्रेटरी हैं।
खड़गे के साथ AICC मीडिया यूनिट के प्रेसिडेंट पवन खेड़ा और AICC सेक्रेटरी मंसूर अली खान ने भी अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी रणदीप सिंह सुरजेवाला, केसी वेणुगोपाल और कई अन्य केंद्रीय व राज्य मंत्री मौजूद रहे।
मल्लिकार्जुन खड़गे वर्तमान में राज्यसभा में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और उनका कार्यकाल 25 जून 2026 को समाप्त होने वाला है। उनका नामांकन इस बात का संकेत है कि कांग्रेस उन्हें पुनः राज्यसभा भेजना चाहती है ताकि वे विपक्ष की भूमिका को जारी रख सकें। खड़गे ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और कर्नाटक की नीतियों व केंद्र सरकार के कामकाज पर लगातार नजर रखी है।
सिर्फ खड़गे ही नहीं, बल्कि JDS सुप्रीमो एचडी देवेगौड़ा, नारायण कोरगप्पा और इरन्ना कदादी का भी कार्यकाल इस साल समाप्त हो रहा है। 18 जून को कर्नाटक से कुल चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होंगे। इसके अलावा पूरे देश में कुल 24 राज्यसभा सीटों पर इस बार चुनाव होने हैं।
राज्यसभा चुनाव से पहले पार्टी नेताओं और विधायकों की उपस्थिति यह दिखाती है कि कांग्रेस इस चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए सक्रिय है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन और रणनीतिक बैठकों का महत्व खड़गे के पुनः निर्वाचित होने में अहम माना जा रहा है।
कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति में यह चुनाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। राज्य में विधानसभा में कांग्रेस और सहयोगी दलों के विधायक इस चुनाव में वोट करेंगे, जिससे पार्टी की रणनीति और उम्मीदवारों की जीत पर सीधा असर पड़ेगा।
कांग्रेस ने इस चुनाव के लिए अपनी पूरी तैयारी कर रखी है। पार्टी की वरिष्ठ नेतृत्व टीम ने विधायकों को मतदान प्रक्रिया और चुनावी रणनीति को लेकर निर्देश दिए हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे की लंबी राजनीतिक यात्रा और अनुभव को देखते हुए उन्हें पार्टी ने राज्यसभा में विपक्ष की भूमिका को मजबूती देने के लिए चुना है।
राज्यसभा में खड़गे का पुनः चयन कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि उनके नेतृत्व में कर्नाटक और केंद्र सरकार के बीच विभिन्न नीतिगत मुद्दों पर मजबूत विरोध दर्ज कराया जा सकता है। चुनाव के दिन विधायकों के समर्थन और पार्टी के अंदरूनी समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस प्रकार, मल्लिकार्जुन खड़गे का नामांकन कर्नाटक से राज्यसभा में कांग्रेस की रणनीति और विपक्ष के मजबूत नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





