
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत के फ्लैट में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। बुधवार, 21 अक्टूबर को उत्तरहल्ली इलाके में स्थित ब्रिगेड 7 गार्डन्स अपार्टमेंट के डी ब्लॉक की आठवीं मंजिल पर एक फ्लैट में भीषण आग लग गई। आग की लपटों और धुएं के कारण आसपास के निवासियों में अफरातफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
राहत की बात यह रही कि हादसे के समय संबंधित फ्लैट में कोई मौजूद नहीं था। इसके चलते किसी व्यक्ति के घायल होने या जानमाल की हानि की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, आग की चपेट में आने से फ्लैट के अंदर रखा सामान और घरेलू उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी होगी। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಬನಶಂಕರಿ ಪ್ರದೇಶದಲ್ಲಿರುವ ಬ್ರಿಗೇಡ್ 7 ಗಾರ್ಡನ್ಸ್ ಅಪಾರ್ಟ್ಮೆಂಟ್ ಸಂಕೀರ್ಣದಲ್ಲಿ ಅಗ್ನಿ ಅವಘಡ ಸಂಭವಿಸಿದ್ದು, ಕಟ್ಟಡದ ಬದಿಯಲ್ಲಿ ಬೆಂಕಿಯ ಜ್ವಾಲೆಗಳು ಕಾಣಿಸಿಕೊಂಡಿದ್ದವು. ಆರಂಭದಲ್ಲಿ ಸ್ಥಳಕ್ಕೆ ಬಂದ ಅಗ್ನಿಶಾಮಕ ವಾಹನದಲ್ಲಿ ಏಣಿ ಇರಲಿಲ್ಲ. ಏಣಿ ಹೊಂದಿದ್ದ ಅಗ್ನಿಶಾಮಕ ವಾಹನ ಸ್ಥಳಕ್ಕೆ ತಲುಪಲು ಸುಮಾರು ಎರಡು ಗಂಟೆ ಬೇಕಾಯಿತು. ಈ ನಡುವೆ ನಿವಾಸಿಗಳು ಮತ್ತು ಸ್ಥಳದಲ್ಲಿದ್ದ ಸಿಬ್ಬಂದಿ ಬೆಂಕಿ ನಂದಿಸಲು ಪ್ರಯತ್ನಿಸಿದರು. ಆದರೆ, ಕಟ್ಟಡದ ಮೇಲಿನ ಮಹಡಿಗಳಿಗೆ ನೀರಿನ ಒತ್ತಡ ತಲುಪದ ಕಾರಣ ಕಾರ್ಯಾಚರಣೆಗೆ ತೊಂದರೆಯಾಯಿತು. ಬಳಿಕ ಸಂಭವಿಸಿದ ಸಣ್ಣ ಸ್ಫೋಟದಿಂದ ಬೆಂಕಿ ಮತ್ತಷ್ಟು ವ್ಯಾಪಿಸಿತು. ನಂತರ ಎತ್ತರದ ಕಟ್ಟಡಕ್ಕೆ ಬೆಂಕಿ ನಂದಿಸಲು ಬಳಸುವ ಅಗ್ನಿಶಾಮಕ ವಾಹನ ಸ್ಥಳಕ್ಕೆ ಆಗಮಿಸಿತು. ಈ ಘಟನೆಯ ಹಿನ್ನೆಲೆಯಲ್ಲಿ ಕರ್ನಾಟಕ ಹೋಮ್ ಬೈಯರ್ಸ್ ಫೋರಂ ಉತ್ತಮ ಅಗ್ನಿ ಸುರಕ್ಷತಾ ಕ್ರಮಗಳನ್ನು ಜಾರಿಗೊಳಿಸುವಂತೆ ಒತ್ತಾಯಿಸಿದೆ. ಕಟ್ಟಡದಲ್ಲಿನ ಅಗ್ನಿಶಾಮಕ ಸಿಂಪಡಣಾ ವ್ಯವಸ್ಥೆ (ಸ್ಪ್ರಿಂಕ್ಲರ್ಗಳು), ತುರ್ತು ನಿರ್ಗಮನ ಮಾರ್ಗಗಳು ಹಾಗೂ ಎತ್ತರದ ಕಟ್ಟಡಗಳಲ್ಲಿ ಅಗ್ನಿಶಾಮಕ ಇಲಾಖೆಯ ಸಿದ್ಧತೆ ಕುರಿತು ಪ್ರಶ್ನೆಗಳು ಎದ್ದಿವೆ. ಈ ಹಿಂದೆ ಅಗ್ನಿ ಸುರಕ್ಷತಾ ಪ್ರಮಾಣಪತ್ರಗಳಿಗೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದಂತೆ ಎದುರಾಗಿದ್ದ ಸಮಸ್ಯೆಗಳ ಬಗ್ಗೆಯೂ ಚರ್ಚೆ ನಡೆದಿದ್ದು, ಹೊಸ ಕಟ್ಟಡಗಳ ನಿರ್ಮಾಣದ ಮೇಲ್ವಿಚಾರಣೆಯನ್ನು ಇನ್ನಷ್ಟು ಕಟ್ಟುನಿಟ್ಟುಗೊಳಿಸಬೇಕೆಂಬ ಒತ್ತಾಯ ಕೇಳಿಬಂದಿದೆ. @XpressBengaluru @NewIndianXpress
— kannadaprabha (@KannadaPrabha) October 22, 2026
सुबह 11:50 बजे मिली आग लगने की सूचना
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 11:50 बजे अग्निशमन विभाग को ब्रिगेड 7 गार्डन्स अपार्टमेंट में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही हुलिमावु, अंजानापुरा और बनशंकरी फायर स्टेशनों से दमकल गाड़ियां घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।
आग इमारत के डी ब्लॉक की आठवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में लगी थी। ऊंची इमारत में आग लगने के कारण दमकलकर्मियों को विशेष सावधानी के साथ राहत और बचाव कार्य करना पड़ा।
दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए। इस दौरान आग को आसपास के अन्य फ्लैटों तक फैलने से रोकना भी महत्वपूर्ण था।
करीब पौने चार घंटे तक चले अभियान के बाद दोपहर लगभग 3:30 बजे तक आग बुझाने का काम पूरा किया गया।
हादसे के समय खाली था फ्लैट
इस घटना में सबसे राहत देने वाली बात यह रही कि जिस फ्लैट में आग लगी थी, उसमें उस समय कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसके कारण किसी को झुलसने या घायल होने की सूचना नहीं मिली।
यदि आग लगने के समय फ्लैट में लोग मौजूद होते, तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी। विशेष रूप से बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की स्थिति में धुआं और गर्मी लोगों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
इस घटना ने ऊंची आवासीय इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
तीन दमकल केंद्रों से पहुंचीं चार गाड़ियां
आग की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने चार दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा। हुलिमावु, डेयरी सर्किल और बनशंकरी दमकल केंद्रों के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने के लिए संयुक्त अभियान चलाया।
अधिकारियों के अनुसार, आग ब्रिगेड 7 गार्डन्स के डी ब्लॉक में स्थित तीन बेडरूम वाले फ्लैट तक ही सीमित रही। आसपास के दूसरे फ्लैट आग की चपेट में आने से बच गए। दमकल विभाग को सुबह 11:52 बजे सूचना मिली थी।
पानी की बौछार आठवीं मंजिल तक नहीं पहुंचने का आरोप
घटना के दौरान मौजूद एक निवासी ने आग बुझाने के शुरुआती प्रयासों पर सवाल उठाए हैं। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, शुरुआत में आग फ्लैट के एक कमरे तक सीमित थी।
निवासी का आरोप है कि दमकलकर्मियों और कुछ स्थानीय लोगों ने जमीन से पानी की बौछार करके आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन पानी आठवीं मंजिल तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच रहा था।
प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि इसी दौरान आग दूसरे हिस्सों में फैल गई। एक कमरे में छोटा विस्फोट होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, विस्फोट की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
निवासी के अनुसार, ऊंचाई तक पहुंचने वाली विशेष सीढ़ी भी बाद में घटनास्थल पर पहुंची। इन आरोपों को लेकर अग्निशमन विभाग की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फ्लैट में रखा सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त
आग लगने से फ्लैट के अंदर व्यापक नुकसान हुआ है। कमरे में रखा फर्नीचर, घरेलू सामान और अन्य वस्तुएं आग तथा धुएं से प्रभावित हुईं।
हालांकि, कुल आर्थिक नुकसान का अभी आधिकारिक आकलन नहीं किया गया है। इस कारण नुकसान की सटीक राशि बताना संभव नहीं है।
अधिकारियों की जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि आग से संपत्ति को कितना नुकसान पहुंचा है और फ्लैट के कौन-कौन से हिस्से प्रभावित हुए हैं।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के पीछे बिजली का शॉर्ट सर्किट संभावित कारण माना जा रहा है।
हालांकि, अधिकारियों ने अभी इसकी अंतिम पुष्टि नहीं की है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित परिस्थितियों की जांच आवश्यक होगी।
बहुमंजिला आवासीय परिसरों में बिजली के उपकरणों, वायरिंग और अग्निशमन व्यवस्थाओं की नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। बिजली की खराब वायरिंग, अत्यधिक लोड और खराब उपकरण आग लगने के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
ऊंची इमारतों की अग्नि सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने बेंगलुरु की बहुमंजिला आवासीय इमारतों में आग से सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी इमारतों में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, कार्यशील स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास और प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी है।
इसके अलावा नियमित फायर ड्रिल से निवासियों को आपात स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने के तरीकों की जानकारी मिल सकती है।
इमारतों में लगे फायर अलार्म, पानी की पाइपलाइन और अग्निशमन उपकरणों का नियमित परीक्षण भी आवश्यक है।
घटना की जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल अग्निशमन विभाग ने आग पर नियंत्रण पा लिया है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
हालांकि, आग बुझाने के शुरुआती प्रयासों को लेकर सामने आई शिकायतों और संभावित शॉर्ट सर्किट के कारण की जांच महत्वपूर्ण होगी।
घटना से प्रभावित फ्लैट में हुए नुकसान का आकलन भी किया जाना है।
बेंगलुरु के उत्तरहल्ली में हुई इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि ऊंची इमारतों में केवल आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मजबूत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी भी उतनी ही जरूरी है।
राहत की बात यह है कि आग की इस गंभीर घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन फ्लैट को पहुंचे व्यापक नुकसान ने बहुमंजिला आवासीय इमारतों में अग्नि सुरक्षा की अहमियत फिर सामने ला दी है।





