
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए बलिदान का मूल्य किसी भी धनराशि से नहीं आंका जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों की बहादुरी, निष्ठा और जनसेवा की भावना पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। सरकार शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के साथ हमेशा खड़ी रहेगी और उनके कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी।
बुधवार, 21 अक्टूबर को बेंगलुरु के मैसूर रोड स्थित आर्म्ड रिजर्व पुलिस मुख्यालय के मैदान में पुलिस स्मृति दिवस समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कर्नाटक के छह पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद किया और पुलिस विभाग को मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के साथ खड़ी रहेगी सरकार
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि पुलिसकर्मी दिन-रात समाज की सुरक्षा के लिए काम करते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए लोगों की जान-माल की रक्षा करते हैं।
उन्होंने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों को केवल श्रद्धांजलि देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके द्वारा स्थापित अनुशासन, निष्ठा और जनसेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाना भी सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने शहीदों के माता-पिता और परिवार के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। शहीदों के परिवारों को आवश्यक सहायता और सम्मान देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
तीन वर्षों में पुलिस के 5,911 पद भरे गए
पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में भर्ती और रिक्त पदों का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्षों के दौरान पुलिस विभाग के 5,911 पदों पर नियुक्तियां की हैं। इसके अलावा 7,925 अन्य रिक्त पदों को भरने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता आवश्यक है।
उन्होंने पुलिस विभाग में स्थायी भर्ती बोर्ड स्थापित करने की दिशा में भी पहल का उल्लेख किया।
हालांकि, 7,925 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया, भर्ती कार्यक्रम और पात्रता संबंधी विस्तृत अधिसूचना की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 142 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को आधुनिक तकनीक से लैस करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि सरकार ने पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगभग 142 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
इसका उद्देश्य अपराधों की जांच, साक्ष्य संरक्षण और अपराध रोकथाम में तकनीकी साधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में अपराधों की प्रकृति भी बदल रही है। साइबर अपराध और तकनीक आधारित आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को लगातार अपने कौशल में सुधार करना होगा।
आधुनिक उपकरणों और तकनीकी प्रशिक्षण से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
पुलिसकर्मियों के लिए आवास और सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने पुलिसकर्मियों के लिए आवासीय सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने पुलिस गृह-2025 योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर आवास उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा पुलिस विभाग के लिए भवन, वाहन और अन्य बुनियादी ढांचा विकसित करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में उनके परिवारों को सुरक्षित और बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है।
अपराधियों के प्रति सख्त, जनता के प्रति संवेदनशील रहे पुलिस
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अपराधियों से निपटते समय पुलिस को शेर की तरह सख्त होना चाहिए, लेकिन सामान्य नागरिकों के साथ उसका व्यवहार सहानुभूतिपूर्ण और सहयोगात्मक होना चाहिए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पुलिस की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर संबंध होना आवश्यक है।
उन्होंने कर्नाटक पुलिस के अनुशासन, समयबद्धता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी समाज में शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बेंगलुरु की यातायात समस्या का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु जैसे महानगर में यातायात प्रबंधन को पुलिस की बड़ी जिम्मेदारियों में शामिल बताया।
उन्होंने अपने संबोधन में शहर की बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने बेंगलुरु में लगभग 1.40 करोड़ लोगों और 1.31 करोड़ वाहनों का आंकड़ा प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को यातायात प्रबंधन के साथ नशीले पदार्थों की तस्करी, अपराध नियंत्रण और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए भी लगातार सक्रिय रहना होगा।
1959 के बलिदान की याद में मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस
देशभर में हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इसका इतिहास 21 अक्टूबर 1959 की घटना से जुड़ा है।
उस दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में दस भारतीय पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।
उनकी बहादुरी और बलिदान की स्मृति में हर वर्ष इस दिन देशभर में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक सहित विभिन्न राज्यों के पुलिस मुख्यालयों में विशेष समारोह आयोजित किए जाते हैं।
शहीदों के आदर्शों को आगे बढ़ाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों का बलिदान समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्षता, अनुशासन और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा।
इसके साथ ही उन्होंने सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों के अनुभव का सम्मान करने और नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों को उनके अनुभव से सीखने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में शांति और न्याय की रक्षा करना पुलिस विभाग की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के कल्याण, पुलिस विभाग में नई भर्तियों और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनके द्वारा स्थापित सेवा, साहस तथा अनुशासन के आदर्शों को आगे बढ़ाया जाएगा।





