
बेंगलुरू: विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग [एनएचआरसी] से आग्रह किया कि वह बेंगलुरू में आरसीबी के आईपीएल जीत समारोह के दौरान मची भगदड़ के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हस्तक्षेप करे। एनएचआरसी अध्यक्ष को लिखे पत्र में अशोक ने आयोग से इस घटना में शामिल सरकारी विभागों, अधिकारियों और निजी संगठनों की भूमिका और जिम्मेदारियों की जांच करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। चिन्नास्वामी स्टेडियम में मची भगदड़ में 11 युवकों की मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में लापरवाही बरती और कार्यक्रम का उचित प्रबंधन करने में विफल रही। भाजपा नेता ने कहा कि यह एक रोकी जा सकने वाली त्रासदी थी। अशोक ने पत्र में कहा कि एनएचआरसी के हस्तक्षेप से शोक संतप्त परिवारों को न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि चिन्नास्वामी स्टेडियम की क्षमता 35,000 लोगों की है, लेकिन मुफ्त पास और भ्रामक घोषणाओं के कारण, अत्यधिक संख्या में लोग स्टेडियम में पहुंचे और भीड़ लगा दी। इतने बड़े पैमाने पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की भी कमी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने एम्बुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा और पीने के पानी सहित आवश्यक सुविधाओं की कमी की सूचना दी। अशोक ने अपने पत्र में कहा कि आरसीबी, डीएनए और क्रिकेट एसोसिएशन भी इन खामियों के लिए जिम्मेदार हैं। भाजपा नेता ने एनएचआरसी से इस त्रासदी का स्वतः संज्ञान लेने और जांच करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए उचित दिशानिर्देश या नियम जारी करके भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय किए जाने चाहिए।





