कर्नाटक

बस स्टॉप पर नहीं रुकी KSRTC बस, परीक्षा देने जा रहे छात्रों ने किया विरोध

Kavita2
29 Sept 2026 5:46 PM IST
बस स्टॉप पर नहीं रुकी KSRTC बस, परीक्षा देने जा रहे छात्रों ने किया विरोध
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कोप्पल। कर्नाटक के कोप्पल तालुक में केएसआरटीसी बस के बस स्टॉप पर नहीं रुकने से छात्रों में नाराजगी फैल गई। घटना बी. होसाहल्ली गांव की है, जहां कई छात्र हट्टी-मुंडारागी से कोप्पल शहर जाने वाली बस का इंतजार कर रहे थे। आरोप है कि बस निर्धारित स्टॉप पर रुके बिना आगे निकल गई। परीक्षा के लिए स्कूल जाने की जल्दी में एक छात्र ने बस का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे रोककर ड्राइवर और कंडक्टर से सवाल-जवाब किया।

बी. होसाहल्ली बस स्टैंड पर सुबह कई छात्र मौजूद थे। वे स्कूल और परीक्षा के लिए कोप्पल शहर जाने वाली केएसआरटीसी बस का इंतजार कर रहे थे। छात्रों को उम्मीद थी कि बस रोज की तरह निर्धारित स्थान पर रुकेगी, लेकिन आरोप है कि चालक ने बस नहीं रोकी और वाहन आगे बढ़ गया।

बस के बिना रुके निकल जाने से छात्रों में नाराजगी फैल गई। परीक्षा के लिए समय पर पहुंचने की चिंता भी बढ़ गई। इसी दौरान एक छात्र ने बस के पीछे जाने का फैसला किया। वह किसी तरह कुछ दूरी तक बस का पीछा करता रहा और आखिरकार उसे रुकवाने में सफल हुआ।

बस रुकने के बाद छात्र ने चालक और परिचालक से पूछा कि बी. होसाहल्ली बस स्टैंड पर बस क्यों नहीं रोकी गई। छात्र ने कहा कि स्टॉप पर कई बच्चे बस का इंतजार कर रहे थे और उन्हें स्कूल तथा परीक्षा के लिए समय पर कोप्पल पहुंचना था।

घटना के दौरान छात्र ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उसने बस कर्मचारियों से सवाल किया कि निर्धारित स्टॉप पर यात्रियों के इंतजार करने के बावजूद बस आगे क्यों बढ़ गई। मामला परीक्षा से जुड़ा होने के कारण छात्रों की चिंता और बढ़ गई थी।

बी. होसाहल्ली क्षेत्र से रोजाना कई छात्र पढ़ाई के लिए कोप्पल शहर जाते हैं। ऐसे में सार्वजनिक बस सेवा उनके लिए परिवहन का प्रमुख साधन है। यदि निर्धारित समय पर बस नहीं रुकती है तो विद्यार्थियों को स्कूल या परीक्षा केंद्र पहुंचने में परेशानी हो सकती है।

इस घटना में भी सबसे बड़ी चिंता परीक्षा के लिए जा रहे छात्रों की थी। छात्र बस छूटने के कारण समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाने को लेकर परेशान थे। इसी वजह से एक छात्र ने बस का पीछा कर उसे रोकने की कोशिश की।

बस रोकने के बाद छात्र और बस कर्मचारियों के बीच सवाल-जवाब हुआ। छात्र ने ड्राइवर और कंडक्टर से निर्धारित स्टॉप की अनदेखी करने पर आपत्ति जताई। अन्य छात्रों ने भी घटना को लेकर नाराजगी व्यक्त की।

आरोप है कि बस स्टैंड पर छात्र मौजूद होने के बावजूद चालक ने वाहन नहीं रोका। हालांकि चालक या परिचालक की ओर से इस बारे में क्या स्पष्टीकरण दिया गया, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

स्थानीय स्तर पर यह मामला केएसआरटीसी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा का विषय बन गया। छात्रों का कहना है कि बस स्टॉप पर वाहन नहीं रुकने से उन्हें पढ़ाई और परीक्षा दोनों में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों से शहर में पढ़ने जाने वाले छात्र सरकारी बस सेवाओं पर काफी निर्भर रहते हैं। निजी परिवहन की सुविधा हर समय उपलब्ध नहीं होने के कारण कई छात्र निर्धारित बसों के अनुसार ही अपनी दिनचर्या तय करते हैं।

ऐसे में यदि कोई बस बिना रुके आगे निकल जाए तो अगली बस का इंतजार करना पड़ सकता है। इससे विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचने का समय प्रभावित हो सकता है।

बी. होसाहल्ली में हुई घटना में छात्र परीक्षा को लेकर पहले से चिंतित था। बस के निकल जाने के बाद उसने स्थिति को गंभीरता से लिया और बस का पीछा किया।

कुछ दूरी पर बस रुकवाने के बाद उसने चालक और परिचालक से सीधे सवाल किया। छात्र ने पूछा कि जब बस स्टैंड पर यात्री और विद्यार्थी खड़े थे तो बस क्यों नहीं रोकी गई।

घटना में छात्रों की नाराजगी इस बात को लेकर भी थी कि निर्धारित बस स्टॉप का पालन नहीं होने से उन्हें बार-बार ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

हट्टी-मुंडारागी से कोप्पल शहर जाने वाली बस आसपास के गांवों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। छात्र, कर्मचारी और अन्य यात्री इस सेवा का उपयोग करते हैं।

बी. होसाहल्ली बस स्टैंड भी इसी मार्ग पर आता है। यहां से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए कोप्पल की ओर जाते हैं।

परीक्षा के दिनों में बस सेवा समय पर मिलना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। थोड़ी सी देरी भी छात्र के परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में बाधा बन सकती है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और छात्रों के बीच यह सवाल उठने लगा कि निर्धारित बस स्टॉप पर बसों का रुकना सुनिश्चित क्यों नहीं किया जा रहा है।

छात्रों का कहना है कि बस कर्मचारियों को स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों की जरूरत को समझना चाहिए। खासकर सुबह के समय निर्धारित स्टॉप को नजरअंदाज करने से बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।

इस पूरे मामले में केएसआरटीसी की ओर से किसी कार्रवाई या जांच की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। घटना के संबंध में बस चालक और परिचालक का विस्तृत पक्ष भी उपलब्ध नहीं है।

फिलहाल छात्रों की ओर से बस नहीं रोकने पर विरोध जताया गया है। घटना में किसी तरह की मारपीट या नुकसान की जानकारी नहीं है।

छात्र द्वारा बस का पीछा कर उसे रोकने और चालक-परिचालक से सवाल करने की घटना ने स्थानीय स्तर पर ध्यान खींचा है।

बी. होसाहल्ली गांव के छात्रों की मुख्य मांग यही है कि निर्धारित स्टॉप पर बसों का नियमित रूप से रुकना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें स्कूल, कॉलेज और परीक्षा के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।

केएसआरटीसी बसों का ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों के लिए विशेष महत्व है। ऐसे में समय और स्टॉप दोनों का पालन उनके लिए बेहद जरूरी है।

फिलहाल घटना के बाद यह मामला चर्चा में है। छात्रों ने साफ तौर पर अपनी नाराजगी जताई है और बस कर्मचारियों से जवाब मांगा है कि निर्धारित स्टॉप पर वाहन क्यों नहीं रोका गया।

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