कर्नाटक

तिब्बत में फंसे कर्नाटक पर्यटक मदद का इंतजार

Kavita2
29 Aug 2026 1:47 PM IST
तिब्बत में फंसे कर्नाटक पर्यटक मदद का इंतजार
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बेंगलुरु : तिब्बत में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे कर्नाटक के करीब 35 पर्यटकों ने राज्य सरकार पर उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया है। यह पर्यटक करीब 70 लोगों के एक टूरिस्ट ग्रुप का हिस्सा हैं, जो फिलहाल तिब्बत ऑटोनॉमस रीजन (TAR) के नयालम क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

पर्यटकों का कहना है कि उन्होंने अपनी स्थिति की जानकारी कर्नाटक सरकार को दी है और मदद के लिए आवश्यक पंजीकरण प्रक्रिया भी पूरी कर ली है, लेकिन अब तक उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।

नयालम में फंसा है पर्यटकों का समूह

जानकारी के अनुसार, यह पर्यटक समूह तिब्बत के नयालम इलाके में मौजूद है, जहां हाल में आई बाढ़ के कारण हालात प्रभावित हुए हैं।

ग्रुप में शामिल कर्नाटक के लोगों का कहना है कि खराब मौसम और आपदा की स्थिति के कारण वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। वे लगातार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सुरक्षित निकासी की मांग कर रहे हैं।

हेल्पलाइन से आई कॉल लेकिन नहीं मिली जानकारी

बेंगलुरु निवासी कृष्णा, जो इस पर्यटक समूह के साथ यात्रा कर रहे हैं, ने बताया कि उन्हें कई फोन कॉल आए हैं। इनमें कर्नाटक सरकार की हेल्पलाइन से आई कॉल भी शामिल थी।

कृष्णा के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी और बताया कि वे मौजूदा स्थान से किसी सुरक्षित जगह पर जाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि जानकारी देने के बाद भी उन्हें आगे की कार्रवाई या बचाव योजना के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।

कई विभागों से संपर्क का दावा

कृष्णा ने बताया कि पर्यटकों ने मदद के लिए कई सरकारी विभागों से संपर्क करने की कोशिश की है।

उन्होंने कहा कि समूह की ओर से करीब 45 आधिकारिक ईमेल पतों पर मदद के लिए संदेश भेजे गए हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है।

पर्यटकों का कहना है कि वे लगातार इंतजार कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही सुरक्षित निकासी की व्यवस्था की जाएगी।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बढ़ी चिंता

तिब्बत के कई इलाकों में प्राकृतिक आपदा के कारण यातायात और संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। ऐसे में वहां फंसे पर्यटकों की चिंता बढ़ गई है।

समूह के सदस्यों का कहना है कि वे सुरक्षित हैं, लेकिन लंबे समय तक फंसे रहने के कारण उन्हें भोजन, आवागमन और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर चिंता बनी हुई है।

परिवारों में बढ़ी बेचैनी

तिब्बत में फंसे पर्यटकों के परिवार भारत में उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं।

परिजनों का कहना है कि वे लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं और चाहते हैं कि जल्द से जल्द बचाव अभियान चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।

प्रशासन से तत्काल मदद की मांग

पर्यटकों ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि उनकी स्थिति को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए जल्द कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक विवाद में नहीं पड़ना चाहते, बल्कि केवल सुरक्षित घर वापसी चाहते हैं।

सरकार की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार

फिलहाल इस मामले में कर्नाटक सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, आपदा की स्थिति को देखते हुए संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

तिब्बत में फंसे पर्यटकों की सुरक्षित निकासी अब प्राथमिकता बन गई है। परिवार और पर्यटक दोनों ही प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

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