कर्नाटक

कर्नाटक-तेलंगाना सीमा विवाद: शादीपुरा गांव में जमीन पर दावे से SC/ST समुदाय प्रभावित

Kavita2
7 Jun 2026 10:23 AM IST
कर्नाटक-तेलंगाना सीमा विवाद: शादीपुरा गांव में जमीन पर दावे से SC/ST समुदाय प्रभावित
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों के बॉर्डर पर जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब चिंचोली तालुक के शादीपुरा गांव में SC/ST समुदाय के लोगों की जिंदगी पर गंभीर असर डाल रहा है। यह विवाद लंबे समय से जारी है, लेकिन हाल के दिनों में दोनों राज्यों के दावों के चलते स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।

जानकारी के अनुसार, कर्नाटक सरकार ने वर्ष 2002 में चिंचोली तालुक के शादीपुरा गांव में 54 लाभार्थियों को कुल 188 एकड़ भूमि आवंटित की थी। यह जमीन मुख्य रूप से SC/ST समुदाय, भूमिहीन परिवारों और पूर्व सैनिकों को आजीविका और पुनर्वास के उद्देश्य से दी गई थी। इस आवंटन के तहत सर्वे नंबर 126 और 127 की भूमि शामिल थी।

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, लाभार्थियों के नाम पर भूमि के टाइटल डीड (RTC) भी जारी किए गए थे, जिससे उन्हें कानूनी रूप से मालिकाना अधिकार प्राप्त हुआ। इस भूमि पर इन परिवारों ने वर्षों से खेती और जीवनयापन शुरू किया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।

हालांकि, अब इस जमीन पर तेलंगाना के विकाराबाद जिले के उमला नायक टांडा के ग्रामीणों द्वारा भी दावा किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह भूमि उनकी परंपरागत संपत्ति है, जिस पर उनका अधिकार है। इसी दावे के चलते दोनों राज्यों के ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।

इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि एक ही भूमि पर दो राज्यों के लोगों द्वारा स्वामित्व का दावा किया जा रहा है। इससे न केवल कानूनी जटिलता बढ़ी है, बल्कि जमीन पर निर्भर परिवारों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है।

SC/ST समुदाय के लाभार्थियों का कहना है कि यह भूमि उनके जीवन का आधार है और वर्षों से वे इसी पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में अचानक उठे विवाद से उनकी आर्थिक स्थिति अस्थिर हो गई है और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा विवाद के कारण प्रशासनिक कार्रवाई और विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। दोनों राज्यों के बीच स्पष्ट सीमा निर्धारण न होने से इस तरह के विवाद बार-बार सामने आते रहते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सीमा विवादों को हल करने के लिए दोनों राज्यों के बीच समन्वय और संयुक्त सर्वेक्षण की आवश्यकता है, ताकि वास्तविक स्वामित्व का निर्धारण हो सके और प्रभावित लोगों को न्याय मिल सके।

कुल मिलाकर, शादीपुरा गांव में जमीन को लेकर चल रहा यह विवाद न केवल प्रशासनिक चुनौती बन गया है, बल्कि इससे SC/ST समुदाय की आजीविका और सामाजिक सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।

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