
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने सोमवार को राज्य में चल रहे बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट्स की प्रगति और चार प्रमुख सिंचाई निगमों के कामकाज की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक की। बैठक में परियोजनाओं की स्थिति, फंड उपयोग और कार्यान्वयन की गति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बताया कि इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), वरिष्ठ अधिकारी और चार सिंचाई निगमों—विश्वेश्वरैया जल निगम लिमिटेड, कर्नाटक सिंचाई निगम लिमिटेड, कावेरी सिंचाई निगम लिमिटेड और कृष्णा भाग्य जल निगम लिमिटेड—के प्रबंध निदेशकों को शामिल किया गया था।
मंत्री ने कहा कि राज्य में सिंचाई परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से इन निगमों के कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इन चारों सिंचाई निगमों के चेयरमैन हैं, जबकि वे स्वयं वाइस-चेयरमैन की भूमिका निभा रहे हैं।
रामलिंगा रेड्डी ने घोषणा की कि इन सभी निगमों की प्रगति को लेकर आगे भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके लिए शुक्रवार को और फिर अगले मंगलवार को दो अलग-अलग उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, लंबित कार्यों और समय सीमा के भीतर पूरा करने की रणनीति पर चर्चा होगी।
मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिंचाई परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाना है ताकि किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराया जा सके और कृषि उत्पादन में सुधार हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि कुछ परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, तकनीकी मंजूरी और वित्तीय प्रबंधन जैसी चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि इन सिंचाई परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ होगा। इसलिए परियोजनाओं की नियमित निगरानी और तेजी से क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।
इस तरह की लगातार समीक्षा बैठकों से उम्मीद है कि लंबित सिंचाई योजनाओं को गति मिलेगी और राज्य में जल प्रबंधन प्रणाली और अधिक मजबूत होगी।





