
Karnataka कर्नाटक: राज्य में सोमवार सुबह लोकायुक्त विभाग ने कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई। यह कार्रवाई विशेष रूप से कलबुर्गी और बिदर जिलों में की गई, जहां पंचायत राज विभाग के एक रिटायर्ड सुपरिटेंडेंट इंजीनियर माणिक कनकट्टी से जुड़े ठिकानों पर जांच की गई।
लोकायुक्त एसपी सिद्धराजू के नेतृत्व में यह छापेमारी की गई। टीम ने बिदर जिले के हल्लीखेड़ा गांव में स्थित माणिक कनकट्टी के आवास पर दबिश दी। इसके साथ ही हुमनाबाद क्षेत्र में उनके दो कॉम्प्लेक्स और हल्लीखेड़ा गांव में स्थित एक फार्महाउस पर भी एक साथ कार्रवाई की गई।
अचानक हुई इस कार्रवाई से आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। लोकायुक्त टीम ने सभी स्थानों पर दस्तावेजों, संपत्तियों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच शुरू की।
सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी कथित रूप से आय से अधिक संपत्ति के मामले से जुड़ी हो सकती है, हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संबंधित संपत्तियां वैध आय स्रोतों से अर्जित की गई हैं या नहीं।
ಕಲಬುರಗಿಯಲ್ಲಿ ಪಂಚಾಯತ್ ರಾಜ್ ಇಲಾಖೆ ನಿವೃತ್ತ ಸುಪರಿಡೆಂಟ್ ಇಂಜಿನಿಯರ್ ಮಾಣಿಕ್ ಕನಕಟ್ಟಿ ಅವರ ಬೀದರ್ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಹಳ್ಳಿಖೇಡ ಗ್ರಾಮದ ಮನೆ, ಹುಮ್ನಾಬಾದ್ ನ ಎರಡು ಕಾಂಪ್ಲೆಂಕ್ಸ್ , ಹಳ್ಳಿಖೇಡ ಗ್ರಾಮದ ತೋಟದ ಮನೆಯ ಮೇಲೆ ಲೋಕಾಯುಕ್ತ ಎಸ್ ಪಿ ಸಿದ್ದರಾಜು ನೇತೃತ್ವದಲ್ಲಿ ದಾಳಿ ನಡೆಸಿದ್ದು, ಅಧಿಕಾರಿಗಳು ಪರಿಶೀಲನೆ ನಡೆಸಿದ್ದಾರೆ.… pic.twitter.com/RWPrFbXdBN
— kannadaprabha (@KannadaPrabha) June 16, 2026
टीम द्वारा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए जाने की भी जानकारी सामने आई है, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
लोकायुक्त विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही निगरानी और सख्ती के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। विभाग समय-समय पर सरकारी अधिकारियों और पूर्व अधिकारियों से जुड़ी संपत्तियों की जांच करता रहा है।
इस मामले में आगे की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल माणिक कनकट्टी या उनके प्रतिनिधियों की ओर से इस छापेमारी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सरकारी अधिकारियों की संपत्तियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।





