
Bengaluru बेंगलुरु : राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ने के साथ हीटवेव से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि गर्मी का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से दिखाई देने लगा है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बीच-बीच में हुई बारिश से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन कुल मिलाकर तापमान में खास कमी नहीं आई है।
चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी और हीट स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई मरीज गंभीर हालत में अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ रहा है।
डॉक्टरों ने बताया कि हीट स्ट्रोक की समस्या धीरे-धीरे शुरू होकर गंभीर रूप ले सकती है। शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, कमजोरी, बेचैनी, घबराहट और चक्कर आना शामिल होते हैं। यदि इन लक्षणों को समय रहते नजरअंदाज किया जाए, तो स्थिति खतरनाक हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर का तापमान बढ़ने पर यह 40 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच सकता है, जिससे मस्तिष्क पर गंभीर असर पड़ता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को भ्रम, बोलने में कठिनाई, अत्यधिक कमजोरी, दिशा भटकने की समस्या और गंभीर मामलों में कोमा जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टरों ने यह भी चेतावनी दी है कि इसका असर दिल और किडनी पर भी पड़ सकता है, जिससे जान का खतरा बढ़ जाता है।
एक निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अश्विन कुलकर्णी ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में पहले से ही डिहाइड्रेशन और गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि तेज सिरदर्द, चक्कर, उल्टी और कमजोरी जैसे लक्षणों के साथ मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे इस गर्म मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, धूप में कम निकलें और शरीर को हाइड्रेटेड रखें। साथ ही हल्के कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
चिकित्सकों का कहना है कि जागरूकता और समय पर सावधानी बरतकर हीटवेव से होने वाले गंभीर प्रभावों को काफी हद तक रोका जा सकता है।





