कर्नाटक

Karnataka : गगनयान मिशन 2027 में लॉन्च का लक्ष्य

Kavita2
28 Jun 2026 12:03 PM IST
Karnataka : गगनयान मिशन 2027 में लॉन्च का लक्ष्य
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Karnataka कर्नाटक: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन और अंतरिक्ष विभाग के सचिव वी. नारायणन ने कहा है कि भारत का महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान अपने तय समय के अनुसार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि इस मिशन का पहला मानवयुक्त प्रक्षेपण वर्ष 2027 के तीसरे क्वार्टर में करने का लक्ष्य रखा गया है।

वी. नारायणन हाल ही में बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) मैनेजमेंट एकेडमी में आयोजित एयर फोर्स एसोसिएशन (कर्नाटक) के 17वें वार्षिक एयर चीफ मार्शल एल. एम. कात्रे मेमोरियल लेक्चर में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने “इंडियन स्पेस प्रोग्राम: चैलेंजेस एंड द वे फॉरवर्ड” विषय पर अपने विचार साझा किए।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गगनयान परियोजना के तहत अब तक 8,000 से अधिक ग्राउंड-लेवल परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। यह परीक्षण इस मिशन की तकनीकी तैयारी और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि गगनयान मिशन के पहले बिना चालक (अनक्रूड) परीक्षण मिशन की तैयारियां तेजी से जारी हैं। इसके बाद मानवयुक्त मिशन को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसका लक्ष्य वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना है।

ISRO प्रमुख ने कहा कि यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा और देश को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल करेगा जिन्होंने मानव को अंतरिक्ष में भेजने की क्षमता हासिल की है।

इस दौरान वी. नारायणन ने ISRO और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच मजबूत साझेदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि HAL के सहयोग के बिना ISRO के लिए लॉन्च व्हीकल और सैटेलाइट प्रोग्राम को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाना संभव नहीं होता।

उन्होंने बताया कि दोनों संस्थानों के बीच तकनीकी सहयोग भारत के अंतरिक्ष अभियानों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

गगनयान मिशन को लेकर देश में लंबे समय से तैयारियां चल रही हैं। इस मिशन का उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से अंतरिक्ष में भेजना और उन्हें वापस पृथ्वी पर लाना है। इसके लिए उन्नत तकनीक, सुरक्षा प्रणाली और व्यापक परीक्षण प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गगनयान मिशन भारत के अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान देगा।

ISRO ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में इस मिशन से जुड़ी और भी परीक्षण उड़ानें और तकनीकी अपडेट साझा किए जाएंगे, जिससे परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।

कुल मिलाकर, यह घोषणा भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है, जो देश को मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता वाले देशों की अग्रिम पंक्ति में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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