
Karnataka कर्नाटक: गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिस सेवाओं को अधिक पारदर्शी, कुशल और जनता के अनुकूल बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) का बेहतर उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को अपनाकर पुलिसिंग सिस्टम को मजबूत और तेज बनाया जा सकता है।
गृह मंत्री ने शनिवार को कर्नाटक स्टेट पुलिस विभाग के सेंट्रल टेक्नोलॉजी और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विंग तथा पुलिस कंप्यूटर विंग (PCW) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभाग के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की।
बैठक के दौरान प्रियांक खड़गे ने कहा कि राज्य में बढ़ते अपराधों को देखते हुए पुलिस विभाग की तकनीकी क्षमता को और मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता को त्वरित और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस विभाग की डिजिटल सेवाओं और सूचना प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उनके अनुसार, तकनीक आधारित व्यवस्था से न केवल कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।
गृह मंत्री ने पुलिस विभाग को यह भी सुझाव दिया कि डिजिटल सिस्टम को लगातार अपडेट किया जाए और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी खामियों से बचा जा सके।
बैठक में राज्य के डिजिटल पुलिस सिस्टम के प्रमुख तकनीकी ढांचे के संचालन और उसकी कार्यप्रणाली पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने मंत्री को मौजूदा सिस्टम की स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
प्रियांक खड़गे ने कहा कि पुलिसिंग में तकनीक का उपयोग केवल सुविधा बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के लिए भी जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम नागरिकों की शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाए, ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि डिजिटल पुलिसिंग के जरिए रिकॉर्ड मैनेजमेंट, केस ट्रैकिंग और डेटा एनालिसिस को मजबूत किया जा सकता है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक सटीक होगी।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि पुलिस विभाग में कई डिजिटल प्रोजेक्ट पहले से चल रहे हैं, जिनका उद्देश्य पुलिसिंग को तकनीक आधारित बनाना है। इन प्रोजेक्ट्स को और विस्तार देने की योजना पर भी चर्चा की गई।
कुल मिलाकर, इस बैठक को कर्नाटक पुलिस के आधुनिकीकरण और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





