
Karnataka कर्नाटक: छात्रों को शुरुआती स्तर से ही अपने करियर की दिशा तय करने में मदद करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने एक नई पहल की शुरुआत की है। इसके तहत हाई स्कूल स्तर पर STEAM आधारित शिक्षा प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आर्ट्स और मैथेमेटिक्स को एकीकृत रूप से पढ़ाया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, तकनीकी समझ बढ़ाना और उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार करना है। विभाग का मानना है कि बदलते समय में पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक और तकनीकी ज्ञान भी उतना ही जरूरी हो गया है।
स्कूल शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत छात्रों को रोबोटिक्स और कोडिंग जैसे आधुनिक विषयों की भी पढ़ाई कराई जाएगी। इससे छात्रों की समस्या समाधान (प्रॉब्लम सॉल्विंग) क्षमता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अधिकारी ने बताया कि इस पहल का प्रमुख उद्देश्य विज्ञान और तकनीक के प्रति छात्रों की रुचि बढ़ाना है, ताकि वे भविष्य में नए-नए नवाचारों और तकनीकी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इसके साथ ही छात्रों को वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने की क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
STEAM आधारित शिक्षा मॉडल के तहत पढ़ाई को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उसे व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। छात्रों को प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी रचनात्मकता और विश्लेषण क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से छात्रों में प्रारंभिक स्तर से ही करियर को लेकर स्पष्टता आएगी। इससे वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार सही दिशा चुन सकेंगे और भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त कर पाएंगे।
विभाग की योजना है कि इस कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि सभी स्कूलों में इसे प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके। इसके लिए शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे नए पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से पढ़ा सकें।
इसके अलावा, डिजिटल लर्निंग टूल्स और स्मार्ट क्लासरूम का उपयोग भी इस पहल का हिस्सा होगा। छात्रों को इंटरैक्टिव तरीके से पढ़ाने पर जोर दिया जाएगा, जिससे उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक रोचक और प्रभावी बन सके।
इस नई व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों को समान अवसर मिलेंगे और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति देखने को मिलेगी।
सरकार का मानना है कि STEAM आधारित शिक्षा से छात्रों की सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा, जो उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।
इस प्रकार, यह पहल न केवल शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाएगी, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





