
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के बन्नेरघट्टा जैविक उद्यान (Bannerghatta Zoo) में साउथ अफ्रीका से लाए गए चार चीतों को जल्द ही आम लोगों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि ये चीते 4 जून से जू में बनाए गए नए डिस्प्ले एरिया में जनता के देखने के लिए उपलब्ध होंगे। यह कदम वन्यजीव संरक्षण और जू पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
Bannerghatta Biological Park में रखे गए इन चीतों का क्वारंटाइन पीरियड अब पूरा हो चुका है। वन विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य जांच और अनुकूलन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद उन्हें अब प्रदर्शन क्षेत्र में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने एक प्रेस रिलीज़ में बताया कि चीतों की निगरानी और देखभाल विशेषज्ञों की देखरेख में की गई है और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन के साथ विस्तृत बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि जानवरों को नए बने विशेष एनक्लोजर में रखा जाएगा, जहां उन्हें प्राकृतिक वातावरण के करीब परिस्थितियां उपलब्ध कराई गई हैं।
Eshwar Khandre ने बताया कि इन चीतों को सुरक्षित वातावरण में रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना राज्य में वन्यजीव संरक्षण और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
सूत्रों के अनुसार, चीतों के लिए बनाए गए नए डिस्प्ले एरिया को विशेष रूप से इस तरह डिजाइन किया गया है कि उन्हें कम से कम तनाव हो और वे अपने प्राकृतिक व्यवहार को बनाए रख सकें। इस क्षेत्र में सुरक्षा, निगरानी और पशु स्वास्थ्य से जुड़े सभी आधुनिक मानक अपनाए गए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चीतों को दक्षिण अफ्रीका से लाने के बाद विशेष निगरानी में रखा गया था ताकि वे नए वातावरण में आसानी से ढल सकें। इस दौरान उनके भोजन, स्वास्थ्य और व्यवहार पर लगातार नजर रखी गई।
South Africa से लाए गए इन चीतों को भारत में लाने का उद्देश्य न केवल वन्यजीव विविधता को बढ़ाना है, बल्कि लोगों में संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रयासों से पारिस्थितिकी संतुलन और पर्यावरण शिक्षा को भी मजबूती मिलती है।
4 जून से जब यह चीता आम जनता के लिए प्रदर्शित किए जाएंगे, तो उम्मीद है कि बड़ी संख्या में पर्यटक और वन्यजीव प्रेमी बन्नेरघट्टा जू पहुंचेंगे। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
वन विभाग ने जनता से अपील की है कि वे जानवरों के लिए निर्धारित नियमों का पालन करें और उनके प्राकृतिक वातावरण को बाधित न करें। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और पशु कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस तरह, बन्नेरघट्टा जू में चीतों की यह नई शुरुआत राज्य में वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।





