कर्नाटक

Karnataka : जंगल विभाग की बड़ी कार्रवाई, शिकार की साजिश रच रहे तीन गिरफ्तार, एक फरार

Kavita2
18 May 2026 2:07 PM IST
Karnataka : जंगल विभाग की बड़ी कार्रवाई, शिकार की साजिश रच रहे तीन गिरफ्तार, एक फरार
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Karnataka कर्नाटक: वन्यजीव संरक्षण के तहत एक बड़ी कार्रवाई में जंगल विभाग के अधिकारियों ने जंगली जानवरों के शिकार की योजना बना रहे एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस छापेमारी में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शिवस्वामी, प्रदीप कुमार और जगदीश के रूप में हुई है। ये सभी अलकुली गांव, कोडिहल्ली होबली, तालुक के निवासी बताए जा रहे हैं। वहीं, फरार आरोपी की पहचान अलकुली महादेवनायकन के रूप में हुई है, जिसकी तलाश में वन विभाग और सुरक्षा टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

यह कार्रवाई शनिवार सुबह उस समय की गई जब मुग्गुर रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (RFO) राजेंद्र स्वामी, डिप्टी रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (DRFO) सुनील, बीट फॉरेस्ट अधिकारी शिवू और अन्य स्टाफ को पक्की सूचना मिली कि मुग्गुर वाइल्डलाइफ ज़ोन के अंतर्गत अलकुली पेट्रोल क्षेत्र में कुछ लोग अवैध रूप से जंगली जानवरों के शिकार की तैयारी कर रहे हैं।

सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। छापे के दौरान संदिग्धों को घेर लिया गया, लेकिन उनमें से एक व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा।

कार्रवाई के दौरान वन विभाग को एक भरी हुई बंदूक और गोलियां भी बरामद हुई हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ये हथियार जंगली जानवरों के अवैध शिकार के लिए इस्तेमाल किए जाने की तैयारी में थे।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। विभाग को लंबे समय से इस क्षेत्र में शिकार गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद निगरानी बढ़ाई गई थी।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या यह किसी बड़े अवैध शिकार नेटवर्क का हिस्सा है। साथ ही फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार या अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दें।

कुल मिलाकर, इस छापेमारी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वन्यजीव संरक्षण के लिए चलाए जा रहे प्रयासों में सतर्कता और त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण है, जिससे अवैध शिकार की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।

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