
Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु में ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 20 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल के चलते BMTC और KSRTC समेत राज्य की चार ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस सेवाएं बुधवार से पूरी तरह बंद रहने की संभावना है, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने संयुक्त रूप से इस विरोध और हड़ताल का निर्णय लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 25 प्रतिशत वेतन पुनरीक्षण (सैलरी रिवीजन) और 38 महीने के बकाया वेतन का पूरा भुगतान शामिल है। उनका कहना है कि महंगाई और आर्थिक दबाव को देखते हुए मौजूदा वेतन संरचना पर्याप्त नहीं है, इसलिए इसमें तत्काल सुधार आवश्यक है।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से इस मुद्दे पर आंशिक सहमति जताई गई है। सरकार ने 12.5 प्रतिशत वेतन पुनरीक्षण पर सहमति दी है और साथ ही 26 महीने के बकाया वेतन की पहली किस्त के रूप में 450 करोड़ रुपये जारी किए हैं। हालांकि, कर्मचारी इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं और इसे उनकी मांगों के मुकाबले अपर्याप्त बता रहे हैं।
सरकार और कर्मचारियों के बीच इस गतिरोध के कारण राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यदि हड़ताल लंबी चलती है, तो इसका सीधा असर स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों, दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों और रोजाना यात्रा करने वाले आम नागरिकों पर पड़ेगा।
ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने सरकार के रुख पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगों को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। यूनियनों का कहना है कि यह केवल वेतन का मुद्दा नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
दूसरी ओर, प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं, ताकि जनता को कम से कम परेशानी हो।
कुल मिलाकर, 20 मई से शुरू होने वाली यह अनिश्चितकालीन हड़ताल राज्य के परिवहन तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है, जिससे लाखों यात्रियों की दैनिक आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।





