
बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को देवनहल्ली तहसीलदार कार्यालय का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान राजस्व रिकॉर्ड के रखरखाव में लापरवाही सामने आने पर उन्होंने एक अधिकारी को निलंबित कर दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि सरकारी कामकाज में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डॉ. परमेश्वर ने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना, जमीन से जुड़े आवेदनों का समय पर निपटारा करना और आम जनता को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इन कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कार्यालय पहुंचने वाले लोगों की समस्याओं, उनके आवेदनों की स्थिति और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को समझने के लिए यह औचक दौरा किया। निरीक्षण के दौरान इस बात पर ध्यान दिया गया कि जनता के आवेदन किस चरण में लंबित हैं और उनका निपटारा करने में कहां देरी हो रही है।
रिकॉर्ड रूम में मिलीं गंभीर खामियां
निरीक्षण के दौरान डॉ. जी. परमेश्वर ने तहसीलदार कार्यालय के सभी विभागों का जायजा लिया। इस दौरान रिकॉर्ड रूम में राजस्व दस्तावेजों के उचित रखरखाव और डेटा प्रबंधन में कमियां सामने आईं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन खामियों को सुधारने के निर्देश दिए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी को निलंबित करने की कार्रवाई की।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड आम लोगों की संपत्ति और जमीन के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं। इनमें किसी भी तरह की लापरवाही लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। उन्होंने अधिकारियों को पुराने मूल दस्तावेजों को भी सुरक्षित रखने और रिकॉर्ड रूम में सभी दस्तावेजों का व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा।
जमीन से जुड़े आवेदन लंबित मिलने पर जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान बगैर अनुमति सरकारी जमीन पर कब्जे और बगर हुकुम भूमि से संबंधित आवेदनों के निपटारे का मुद्दा भी सामने आया। कुछ आवेदकों ने शिकायत की थी कि उनके आवेदन 18 किलोमीटर के दायरे से जुड़े नियम के कारण खारिज कर दिए गए या लंबित हैं।
परमेश्वर ने कहा कि इस विषय पर उचित स्तर पर चर्चा की जाएगी, ताकि यह तय किया जा सके कि संबंधित नियम लागू होने से पहले जमा किए गए आवेदनों पर विचार किया जा सकता है या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को भूमि से जुड़े मामलों की समीक्षा कर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पोड़ी और दुरुस्ती के मामलों में तेजी लाने के निर्देश
डॉ. परमेश्वर ने जमीन के रिकॉर्ड में सुधार से जुड़े पोड़ी और दुरुस्ती कार्यों में हो रही देरी पर भी ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों से लंबित मामलों को जल्द निपटाने के लिए कहा।
जमीन के रिकॉर्ड में सुधार, सीमांकन और संबंधित दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी होने में देरी होने से भूमि मालिकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। ऐसे में मंत्री ने स्पष्ट किया कि आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन की स्थिति की समीक्षा की जाए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका निपटारा किया जाए।
300 से अधिक शिकायतें मिलीं, 60 प्रतिशत से ज्यादा का निपटारा
देवनहल्ली तालुक में सरकार के ‘प्रजासेवे’ कार्यक्रम के तहत आम जनता की शिकायतों को दर्ज कर उनके समाधान का प्रयास किया जा रहा है। परमेश्वर के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत 300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत से ज्यादा का निपटारा किया जा चुका है। शेष मामलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करना होगा।
निरीक्षण के बाद परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे औचक दौरे जारी रहेंगे। उनका कहना है कि इन दौरों के माध्यम से यह जांचा जाएगा कि सरकारी कार्यालयों में जनता के काम किस तरह हो रहे हैं, आवेदन कहां अटके हैं और लोगों को समय पर सेवाएं मिल रही हैं या नहीं।





