कर्नाटक

कर्नाटक हाई कोर्ट ने दो बीजेपी BLA के खिलाफ FIR पर रोक लगाई

Subhi
10 Oct 2026 8:58 AM IST
कर्नाटक हाई कोर्ट ने दो बीजेपी BLA के खिलाफ FIR पर रोक लगाई
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बेंगलुरु: कर्नाटक हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बीजेपी के दो बूथ लेवल एजेंट (BLA) - जी एस वसंत लक्ष्मी और दीपक सिंह आर - के खिलाफ दर्ज FIR पर रोक लगा दी। इन पर आरोप था कि उन्होंने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के दौरान मल्लेश्वरम विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 64 के 778 और वार्ड नंबर 45 के 136 वोटरों के संबंध में 'फॉर्म 7' के तहत आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

जस्टिस अनंत रामनाथ हेगड़े ने वसंत लक्ष्मी और दीपक सिंह की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह अंतरिम आदेश दिया। इन याचिकाओं में 2 और 5 अक्टूबर को यशवंतपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR की वैधता पर सवाल उठाए गए थे। ये FIR अनूप अयंगर ने दर्ज कराई थीं, जिन्होंने 2023 के चुनावों में मल्लेश्वरम से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था।

आरोप था कि बीजेपी और RSS के कार्यकर्ताओं ने एक खास समुदाय को निशाना बनाते हुए 'फॉर्म 7' जमा किए थे। इनमें कहा गया था कि वे वोटर वहां मौजूद नहीं हैं या स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं, जबकि असल में वे उसी विधानसभा क्षेत्र में रह रहे थे।

कोर्ट में दायर याचिकाओं में कहा गया कि याचिकाकर्ता BLA हैं और वे केवल अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। यह ड्यूटी कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा 23 जून, 2026 को जारी नोटिफिकेशन के तहत तय की गई थी, जिसमें SIR में BLA की भूमिका बताई गई है। इस नोटिफिकेशन के तहत, BLO को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के BLA के साथ मिलकर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (मसुदा मतदाता सूची) की जांच करनी होती है और जरूरी सुधारों की पहचान करनी होती है।

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि दावों और आपत्तियों को दर्ज करने और उन पर फैसला लेने की प्रक्रिया 'रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट' (जन प्रतिनिधित्व अधिनियम) के भाग III और 'रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स' (मतदाता पंजीकरण नियम) के तहत आती है। उन्होंने कहा कि RP एक्ट की धारा 31 के तहत अपराध, जिसमें एक साल तक की जेल हो सकती है, BNSS के तहत 'नॉन-कॉग्निजेबल' (बिना वारंट गिरफ्तारी न होने वाला) और 'बेलेबल' (जमानत मिलने योग्य) है।

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