कर्नाटक

Karnataka : दो चुनावों की अलग वोटिंग प्रक्रिया पर विवाद

Kavita2
21 Jun 2026 10:38 AM IST
Karnataka : दो चुनावों की अलग वोटिंग प्रक्रिया पर विवाद
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Karnataka कर्नाटक: हाल ही में हुए राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों में अपनाई गई अलग-अलग वोटिंग प्रक्रियाओं को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री एस. सुरेश कुमार ने इस मामले पर आपत्ति जताते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी से औपचारिक स्पष्टीकरण मांगा है।

एस. सुरेश कुमार ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर सवाल उठाया है कि जब दोनों चुनावों में मतदाता समान यानी विधायक ही थे और मतदान प्रक्रिया एक ही दिन आयोजित की गई थी, तो दोनों में अलग-अलग मतदान प्रक्रिया क्यों अपनाई गई।

उन्होंने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि चुनावी प्रक्रिया में समानता और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम या संदेह उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जब मतदाता समान हैं, तो प्रक्रिया में भिन्नता को लेकर स्पष्ट कारण बताया जाना चाहिए।

विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि राज्यसभा चुनाव में मतदान प्रक्रिया नहीं हुई, क्योंकि सभी उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे। चूंकि सीटों की संख्या के बराबर ही उम्मीदवार थे, इसलिए मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी और परिणाम बिना वोटिंग के ही घोषित कर दिए गए।

इसके विपरीत, कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में मतदान कराना पड़ा, क्योंकि उपलब्ध सीटों की तुलना में अधिक उम्मीदवारों ने चुनाव में हिस्सा लिया था। इस कारण वोटिंग प्रक्रिया अपनाई गई और विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

एस. सुरेश कुमार ने कहा कि दोनों चुनावों में अलग-अलग प्रक्रिया अपनाए जाने को लेकर स्पष्टता जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति को लेकर कोई भ्रम न रहे। उन्होंने चुनाव आयोग से इस संबंध में विस्तृत जानकारी और स्पष्टीकरण देने का आग्रह किया है।

इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव प्रक्रिया में यह अंतर तकनीकी कारणों और उम्मीदवारों की संख्या पर निर्भर करता है, जबकि कुछ लोग इसे पारदर्शिता से जोड़कर देख रहे हैं।

हालांकि, अभी तक चुनाव आयोग या राज्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन विधायक द्वारा उठाए गए इस सवाल ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर एक नई बहस जरूर शुरू कर दी है।

कुल मिलाकर, कर्नाटक में राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों की अलग-अलग मतदान प्रक्रिया पर उठे इस सवाल ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर ध्यान आकर्षित किया है। अब सभी की नजरें चुनाव आयोग के जवाब पर टिकी हुई हैं, जो इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करेगा।

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