कर्नाटक

कर्नाटक में जाति जनगणना लागू करने पर सरकार का रुख स्पष्ट

Kavita2
4 July 2026 12:15 PM IST
कर्नाटक में जाति जनगणना लागू करने पर सरकार का रुख स्पष्ट
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Karnataka कर्नाटक: राजनीति में जाति जनगणना को लागू करने को लेकर सरकार का रुख एक बार फिर साफ हुआ है। शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा है कि सरकार इस रिपोर्ट को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसे कैबिनेट में चर्चा के बाद आगे बढ़ाया जाएगा।

दावणगेरे में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चाहते थे कि जाति जनगणना रिपोर्ट को लागू किया जाए और सरकार उसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसे लेकर कैबिनेट स्तर पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

मंत्री ने कहा, “हमने अपने मैनिफेस्टो में कहा था कि हम जाति जनगणना को लागू करेंगे और हम इसे लागू करेंगे। इस पर कैबिनेट में चर्चा जरूरी है।”

उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 23 एजेंडा पर चर्चा की गई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत निर्णय लिए गए।

यतींद्र सिद्धारमैया के अनुसार, मुख्यमंत्री ने एक नया पब्लिक सर्विस डिपार्टमेंट शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे सरकारी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इसके अलावा भारत जोड़ो यूथ एसोसिएशन से जुड़े एक प्रस्ताव पर भी विचार किया गया, जिसमें संगठनात्मक स्तर पर नई राजनीतिक गतिविधियों की संभावना पर चर्चा हुई।

कैबिनेट बैठक में SIR सहित कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। सरकार का कहना है कि सभी प्रस्तावों पर आगे की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

कैबिनेट विस्तार को लेकर पूछे गए सवालों पर मंत्री ने कहा कि यह निर्णय पार्टी हाईकमान के पास है और राज्य सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि कैबिनेट विस्तार को लेकर अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कैबिनेट का विस्तार अगले दो हफ्तों के भीतर हो सकता है, जिसमें नए और पुराने दोनों प्रकार के सदस्यों को शामिल किए जाने की संभावना है। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय अभी लंबित है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक में जाति जनगणना का मुद्दा सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। वहीं कैबिनेट विस्तार को लेकर हाईकमान पर निर्भरता से यह भी स्पष्ट होता है कि राज्य नेतृत्व और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कुल मिलाकर, कर्नाटक सरकार जाति जनगणना को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जबकि कैबिनेट विस्तार और अन्य अहम राजनीतिक निर्णयों का अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ा गया है।

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