
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक सरकार ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री डी. सुधाकर के निधन पर राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। डी. सुधाकर राज्य में प्लानिंग और स्टैटिस्टिक्स मंत्री के पद पर कार्यरत थे और लंबे समय से कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि राज्य के एक बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट का नाम अब डी. सुधाकर की स्मृति में उनके नाम पर रखा जाएगा। यह फैसला उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है, खासकर सिंचाई और विकास परियोजनाओं के क्षेत्र में उनके कार्यों को देखते हुए।
इस संबंध में घोषणा कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने की, जिनके पास सिंचाई विभाग का भी प्रभार है। उन्होंने कहा कि डी. सुधाकर का राज्य की विकास परियोजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और उनके प्रयासों को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
डीके शिवकुमार ने बताया कि डी. सुधाकर ने भद्रा अपर रिवर प्रोजेक्ट के लिए लगातार संघर्ष किया था। उन्होंने इस परियोजना को पूरा करने और इसके उद्घाटन को लेकर विशेष रुचि दिखाई थी। शिवकुमार ने कहा कि सुधाकर की यह इच्छा थी कि इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन उनके नेतृत्व में हो, लेकिन अब वह सपना अधूरा रह गया।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि डी. सुधाकर उनके करीबी मित्र और कैबिनेट सहयोगी थे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पार्टी के सदस्यता अभियान में सबसे अधिक सदस्य जोड़ने का श्रेय भी डी. सुधाकर को जाता है। उनके अनुसार, सुधाकर ने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी याद किया कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान, विशेषकर खराब मौसम और बारिश के बीच, डी. सुधाकर और उनके कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के साथ मिलकर कठिन परिस्थितियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई थी। उन्होंने कहा कि यह उनके समर्पण और पार्टी के प्रति निष्ठा को दर्शाता है।
राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर डी. सुधाकर के योगदान की सराहना की जा रही है। तीन दिन के राजकीय शोक के दौरान राज्य में आधिकारिक कार्यक्रमों में कुछ औपचारिक बदलाव किए जाएंगे और सरकारी स्तर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।
डी. सुधाकर के निधन को कर्नाटक की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके योगदान को विकास, संगठन और जनसंपर्क के क्षेत्र में लंबे समय तक याद किया जाएगा।





