कर्नाटक

आर्ट ऑफ लिविंग के ‘Dhyan Mandir’ उद्घाटन में पीएम मोदी का संबोधन

Kavita2
11 May 2026 11:10 AM IST
आर्ट ऑफ लिविंग के ‘Dhyan Mandir’ उद्घाटन में पीएम मोदी का संबोधन
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Karnataka कर्नाटक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में ‘ध्यान मंदिर’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सेवा भाव से कार्य करता है, तो हर कार्य में सफलता निश्चित होती है। उन्होंने कहा कि देश के विकास की यात्रा में सभी नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है और भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हम सब कमल की छत्रछाया में हैं। आइए, कमल की छत्रछाया में देश को और ऊंचाइयों पर ले जाएं।” उनके इस बयान को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु शहर की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह शहर केवल सॉफ्टवेयर और सर्विस सेक्टर का केंद्र ही नहीं है, बल्कि इसने वैश्विक स्तर पर भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु ने तकनीक और परंपरा दोनों को साथ लेकर देश का नाम रोशन किया है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि आज का युवा अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में उन्हें सही मार्गदर्शन और प्रेरणा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ें, तो देश का भविष्य और अधिक मजबूत हो सकता है।

उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग जैसे संगठनों की भूमिका की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे संगठन युवाओं में मानसिक शांति, सामाजिक एकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि योग, ध्यान और सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशभर में नौ नए सेवा कार्यक्रमों की भी शुरुआत की। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शिक्षा, युवा और महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, वन विकास, आदिवासी कल्याण, स्वास्थ्य सेवाएं, जेल सुधार और डिजिटल साक्षरता जैसे क्षेत्रों में सुधार लाना है।

सरकार का मानना है कि इन पहलों से समाज के विभिन्न वर्गों को सीधे लाभ मिलेगा और विकास की प्रक्रिया और अधिक समावेशी बनेगी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और ध्यान, योग तथा सेवा से जुड़े संदेशों को साझा किया गया। प्रधानमंत्री के संबोधन को देश के विकास और युवाओं की भूमिका पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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