
बेंगलुरु : सिलिकॉन सिटी बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने मामूली विवाद के बाद अपनी 11 महीने की बेटी को जमीन पर पटक दिया। इस घटना में मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी खोपड़ी में फ्रैक्चर आ गया। फिलहाल बच्ची का अस्पताल के ICU में इलाज चल रहा है।
घटना शहर के एक कल्याण मंडप में आयोजित नामकरण समारोह के दौरान हुई। परिवार ने बच्ची के नामकरण के लिए सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे के बीच शुभ मुहूर्त रखा था। समारोह में परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में मेहमान मौजूद थे। इसी दौरान एक छोटी सी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि पिता ने गुस्से में आकर अपनी ही बेटी को नुकसान पहुंचा दिया।
बताया जा रहा है कि बच्ची का पिता समारोह स्थल पर तय समय से पहले पहुंच गया था। वहीं, उसकी पत्नी और उसके माता-पिता कार्यक्रम में कुछ देर से पहुंचे। पत्नी और उसके परिवार के देर से पहुंचने से पिता नाराज हो गया और उसने समारोह में ही विवाद शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिता ने सैकड़ों मेहमानों के सामने पत्नी पर गुस्सा करना शुरू कर दिया। उसने आरोप लगाया कि पत्नी की वजह से उसकी सबके सामने बेइज्जती हुई है। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
बताया जा रहा है कि जब परिवार के लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपी ने अपना आपा खो दिया। उसने पत्नी के साथ कथित तौर पर मारपीट की। उसे रोकने आए अपने चाचा पर भी हमला किया।
इसके बाद आरोपी ने अपनी 11 महीने की बेटी को अपने चाचा की गोद से जबरदस्ती छीन लिया और गुस्से में उसे जमीन पर पटक दिया। बच्ची के जमीन पर गिरते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोग तुरंत बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे।
डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची के सिर में गंभीर चोट आई है। उसकी खोपड़ी में फ्रैक्चर पाया गया। हालत गंभीर होने के कारण बच्ची को ICU में भर्ती किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
घटना के बाद परिवार और समारोह में मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आरोपी पिता के खिलाफ बच्ची को नुकसान पहुंचाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। समारोह में मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी का व्यवहार पहले से हिंसक रहा था या नहीं।
इस घटना ने परिवार और समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि घरेलू विवादों में बच्चों को किसी भी स्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, गुस्से और तनाव की स्थिति में हिंसक प्रतिक्रिया गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
परिवार के लिए खुशी का मौका रहा नामकरण समारोह कुछ ही मिनटों में भयावह घटना में बदल गया। जहां लोग बच्ची के भविष्य और खुशहाली की कामना करने के लिए जुटे थे, वहीं एक विवाद ने पूरे माहौल को बदल दिया।
स्थानीय लोगों ने घटना की निंदा करते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मासूम बच्चे किसी भी पारिवारिक विवाद का शिकार नहीं बनने चाहिए।
फिलहाल बच्ची की हालत डॉक्टरों की निगरानी में है। परिवार के लोग उसके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि गुस्से और घरेलू विवादों को नियंत्रित करने के लिए धैर्य और समझदारी कितनी जरूरी है। मामूली विवाद किस तरह गंभीर अपराध में बदल सकता है, यह मामला उसका दुखद उदाहरण बन गया है।





