
Karnataka कर्नाटक: तेल संकट और ऊर्जा बचत को लेकर केंद्र सरकार की अपील के बाद देश में कई स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने अपने आधिकारिक काफिले का आकार आधा कर दिया।
राजभवन की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी जानकारी के अनुसार, यह निर्णय वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में चल रहे हालात को देखते हुए लिया गया है। बताया गया कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा खर्च कम करने की अपील के बाद उठाया गया।
पोस्ट में कहा गया कि प्रधानमंत्री की अपील के अनुरूप राज्यपाल ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या को न्यूनतम आवश्यक स्तर तक सीमित कर दिया है। इससे सरकारी खर्च में कमी और ईंधन की बचत सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।
हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ रहे दबाव के कारण कई देशों में ऊर्जा संसाधनों को लेकर चिंता बढ़ी है। भारत में भी इस स्थिति को देखते हुए ऊर्जा संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
नरेंद्र मोदी ने हाल ही में विभिन्न मंचों पर ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग और सरकारी संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की अपील की थी। इसी दिशा में कई राज्य और प्रशासनिक स्तर पर भी कदम उठाए जा रहे हैं।
राजभवन के अनुसार, काफिले में कटौती का उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि यह जनता के बीच ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी देता है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे कदमों से आम लोगों को भी संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रेरणा मिलेगी।
फिलहाल यह निर्णय प्रशासनिक सर्किलों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे सरकार की व्यापक ऊर्जा बचत नीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।





