
Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु में जल आपूर्ति और सीवरेज सिस्टम की निगरानी के लिए शुरू की गई रोबोटिक तकनीक अब लगातार प्रभावी साबित हो रही है। बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड ने पिछले छह महीनों में इस तकनीक के जरिए 32,661 मीटर पाइपलाइन नेटवर्क की जांच की है और 399 स्थानों पर संभावित सड़क जाम को रोकने में सफलता हासिल की है।
यह आधुनिक तकनीक पिछले वर्ष नवंबर में राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार द्वारा शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य पाइपलाइन और सीवरेज की खराबियों का पता बिना सड़क खोदे लगाना है, ताकि शहर में ट्रैफिक बाधित न हो।
अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीक के उपयोग से शहर में बड़ी संख्या में होने वाली सड़क खुदाई की आवश्यकता काफी हद तक कम हुई है। पहले पाइपलाइन लीकेज या सीवरेज खराबी की जांच के लिए सड़कों को खोदना पड़ता था, जिससे लंबे समय तक ट्रैफिक जाम और आम लोगों को परेशानी होती थी। अब रोबोटिक सिस्टम पाइपलाइन के अंदर जाकर सटीक खराबी का पता लगा लेता है।
बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राम प्रसाद मनोहर ने बताया कि इस तकनीक के जरिए लगभग 32 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में जांच की गई और 399 जगहों पर सड़क खोदने की जरूरत नहीं पड़ी। इससे न केवल समय की बचत हुई बल्कि शहर में रोजाना आने-जाने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम से भी राहत मिली।
उन्होंने कहा कि बेंगलुरु जैसे बड़े और तेजी से बढ़ते शहर में सड़क खुदाई एक बड़ी समस्या बन जाती है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। नई रोबोटिक तकनीक के इस्तेमाल से यह समस्या काफी हद तक नियंत्रित हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि यह पहल भविष्य में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन को और अधिक स्मार्ट और व्यवस्थित बनाने में मदद करेगी। साथ ही, इससे मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता और तेजी भी आएगी।
फिलहाल बोर्ड इस तकनीक के दायरे को और बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि शहर के अधिक से अधिक क्षेत्रों में बिना खुदाई के पाइपलाइन जांच और मरम्मत की जा सके।





