
Karnataka कर्नाटक: मार्च 2026 में टेराटर्न द्वारा किए गए एक सर्वे में यह सामने आया है कि कर्नाटक सहित भारत के विभिन्न हिस्सों के छात्रों के बीच हायर एजुकेशन और करियर के अवसरों के लिए जर्मनी तेजी से एक पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है। सर्वे के अनुसार, विदेश में उच्च शिक्षा और रोजगार की दिशा में भारतीय छात्रों का रुझान लगातार बढ़ रहा है, जिसमें जर्मनी प्रमुख विकल्प के रूप में उभर रहा है।
सर्वे में यह भी पाया गया कि कर्नाटक के विभिन्न शहरों जैसे मैसूर, बेंगलुरु, मैंगलोर, कलबुर्गी, उडुपी, शिवमोग्गा और दावणगेरे के छात्र बड़ी संख्या में जर्मनी जाकर वहां हायर स्टडी कर रहे हैं या नौकरी के अवसर तलाश रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 600 से अधिक भारतीय छात्र जर्मनी पहुंच चुके हैं, जिनमें कर्नाटक के अलावा तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे राज्य प्रमुख योगदानकर्ता हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि दक्षिण भारत के छात्र अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और रोजगार के अवसरों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं।
सर्वे में यह भी बताया गया कि इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन और मेडिसिन जैसे कोर्स भारतीय छात्रों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय हैं। इन क्षेत्रों में जर्मनी के विश्वविद्यालय उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और शोध के अवसर प्रदान कर रहे हैं।
इसके अलावा, जर्मनी में पढ़ाई पूरी करने के बाद कई भारतीय ग्रेजुएट्स को IT, ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, फाइनेंस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टरों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। इन क्षेत्रों में स्किल्ड प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे भारतीय छात्रों के लिए रोजगार की संभावनाएं और मजबूत हो रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जर्मनी की शिक्षा प्रणाली, कम या नाममात्र फीस, और मजबूत औद्योगिक कनेक्शन छात्रों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, वहां की वर्क-स्टडी पॉलिसी भी छात्रों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
सर्वे के निष्कर्ष बताते हैं कि आने वाले वर्षों में जर्मनी भारतीय छात्रों के लिए और भी बड़ा शिक्षा और रोजगार केंद्र बन सकता है। खासकर तकनीकी और प्रबंधन क्षेत्रों में इसकी मांग और बढ़ने की संभावना है।
फिलहाल, यह रुझान स्पष्ट करता है कि वैश्विक शिक्षा और करियर अवसरों के लिए भारतीय छात्रों की सोच तेजी से बदल रही है और वे अधिक अंतरराष्ट्रीय विकल्पों की ओर अग्रसर हो रहे हैं।





