कर्नाटक

बेंगलुरु में भीख मंगवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Ratna Netam
13 Oct 2026 9:45 PM IST
बेंगलुरु में भीख मंगवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश
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बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में नाबालिग बच्चों से जबरन भीख मंगवाने के कथित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) की महिला सुरक्षा विंग ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर 13 नाबालिग बच्चों को बचाया है। इस मामले में दूसरे राज्यों के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ये लोग बच्चों को अपने साथ रखकर बेंगलुरु के विभिन्न ट्रैफिक सिग्नलों पर भीख मंगवाते थे और इसके जरिए पैसे कमाते थे। पुलिस ने सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया है, जहां उनकी देखभाल और परिवारों की पहचान से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू की गई है।बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई 12 अक्टूबर 2026 को एक मुखबिर से मिली विश्वसनीय सूचना के आधार पर की गई। सूचना में बताया गया था कि येलाहंका पुलिस थाना क्षेत्र के कोगिलु क्रॉस के पास फ्लाईओवर के नीचे कुछ लोग अस्थायी झोपड़ियों में रह रहे हैं और नाबालिग बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने चलाया अभियान
पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने के बाद सीसीबी की महिला सुरक्षा विंग ने मामले की जांच शुरू की। इसके बाद समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त अभियान चलाने का फैसला किया गया।टीम येलाहंका थाना क्षेत्र में कोगिलु क्रॉस के पास फ्लाईओवर के नीचे पहुंची। वहां फुटपाथ पर अस्थायी झोपड़ियों में रह रहे लोगों की गतिविधियों की जांच की गई।पुलिस ने मौके से दूसरे राज्यों के चार संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया। इसके बाद उनसे बच्चों को अपने साथ रखने और विभिन्न स्थानों पर भेजने के संबंध में पूछताछ की गई।
ट्रैफिक सिग्नलों पर बच्चों से मंगवाते थे भीख
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान चारों आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे नाबालिग बच्चों को अपने साथ रखते थे और उनसे शहर के अलग-अलग ट्रैफिक सिग्नलों पर भीख मंगवाते थे।आरोप है कि बच्चों को पैसे कमाने के उद्देश्य से भीख मांगने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में ट्रैफिक सिग्नलों और व्यस्त सड़कों पर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे स्थानों पर बच्चों से भीख मंगवाना उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि बच्चों को किन परिस्थितियों में आरोपियों के साथ रखा गया था और उन्हें भीख मांगने के लिए किस प्रकार इस्तेमाल किया जा रहा था।
13 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया
संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस और समाज कल्याण विभाग की टीम ने कुल 13 नाबालिग बच्चों को बचाया।इसके बाद सभी बच्चों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया।पुलिस ने बच्चों से संबंधित रिपोर्ट भी समिति को सौंपी है। अब समिति की निगरानी में उनके वास्तविक माता-पिता की पहचान और परिवारों का पता लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।बाल कल्याण समिति बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बच्चों की पारिवारिक परिस्थितियों और सुरक्षा की स्थिति का आकलन करने के बाद उनके हित में आगे के कदम तय किए जाते हैं।
चारों आरोपियों को येलाहंका पुलिस के हवाले किया
प्रारंभिक पूछताछ के बाद हिरासत में लिए गए चारों व्यक्तियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए येलाहंका पुलिस थाने के हवाले कर दिया गया।सीसीबी की महिला सुरक्षा विंग ने अपनी रिपोर्ट भी स्थानीय पुलिस को सौंपी है।आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर करने में आरोपियों की क्या भूमिका थी।पुलिस की ओर से फिलहाल आरोपियों के नाम और बच्चों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
बच्चों के परिवारों की तलाश शुरू
इस कार्रवाई के बाद सबसे महत्वपूर्ण काम बचाए गए बच्चों के परिवारों की पहचान करना है।पुलिस ने बताया कि बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किए गए बच्चों के वास्तविक माता-पिता का पता लगाने के लिए आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।इसके अलावा यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि बच्चे दोबारा ऐसी परिस्थितियों में न पहुंचें, जहां उनका शोषण होने का खतरा हो।बच्चों को सुरक्षित वातावरण, आवश्यक देखभाल और शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना उनके पुनर्वास के लिए महत्वपूर्ण होता है।
बाल शोषण रोकने की दिशा में कार्रवाई
बेंगलुरु पुलिस की इस कार्रवाई ने नाबालिग बच्चों से जबरन भीख मंगवाने के मुद्दे को एक बार फिर सामने ला दिया है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्चों का इस्तेमाल कर पैसे कमाने जैसी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।सीसीबी महिला सुरक्षा विंग और समाज कल्याण विभाग के संयुक्त अभियान से 13 बच्चों को ऐसी कथित परिस्थितियों से बाहर निकाला गया है।फिलहाल चार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं बाल कल्याण समिति बच्चों की देखभाल और उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने से जुड़े पहलुओं पर काम करेगी।
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